'दिग्विजय सिंह बेवजह सनसनी फैला रहे हैं'

  • 18 फरवरी 2015
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मध्यप्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले को लेकर कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के आरोपों पर शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने पटलवार किया है.

जबकि केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है और जल्द ही प्रेस विज्ञप्ति से अपनी स्थिति साफ करने को कहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मध्यप्रदेश सरकार के प्रवक्ता और सरकार में क़ानून मामलों के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह पर बेवजह सनसनी फैलाने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि जिस सूची का दिग्विजय सिंह हवाला दे रहे हैं, वह असली नहीं है और वास्तविक सूची एसआईटी को सीलबंद कर सौंपी जा चुकी है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इन आरोपों को निराधार बताया है.

मामला

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Image caption कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शपथपत्र के साथ एक नई एक्सेल शीट एसटीएफ़ को दी है.

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस ने व्यापम घोटाले में सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफ़े की मांग की थी.

कांग्रेस का आरोप है कि 2013 में व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाओं और नौकरियों में पैसे लेकर मनमाने तरीक़े से उम्मीदवारों को प्रवेश दिया गया.

कांग्रेस का दावा है कि सुबूत के रूप में दाखिल एक्सेल शीट में 48 जगहों पर शिवराज सिंह का नाम हटाकर उमा भारती का नाम लिखा गया.

पार्टी नेता दिग्विजय सिंह ने इस शीट को एफ़िडेविट के साथ सोमवार को एसटीएफ़ को जमा करवाया.

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