मांझी को नैतिक समर्थन देंगे: पासवान

  • 17 फरवरी 2015
रामविलास पासवान

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच सियासी उठा पटक का ज़िम्मेदार कौन है?

केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने आरोप लगाया है कि इसके लिए नीतीश कुमार खुद ज़िम्मेदार हैं.

उन्होंने बीबीसी के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा, "जब लोकसभा चुनाव हो रहा था, तभी नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा था. फिर इन्होंने त्याग की बात कही."

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पासवान ने कहा, "उन्होंने मांझी को मुख्यमंत्री बनाया और वो भी ये कहते हुए कि महादलित को मुख्यमंत्री बना रहा हूं, जाति का कार्ड खेला. तो फिर जीतन राम मांझी ने ऐसा क्या किया कि जिसके चलते आप अब उन्हें हटाना चाह रहे हैं?"

'मौके के फ़ायदा उठाएँगे'

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रामविलास पासवान के अनुसार नीतीश कुमार की मंशा मांझी को कठपुतली बनाकर रखने की थी. हालांकि नीतीश कुमार ने इलज़ाम लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी मांझी को भड़का रही है.

लेकिन पासवान कहते हैं, "ये कहना कि भाजपा इसके पीछे है, एकदम ग़लत है. क्या मांझी नासमझ हैं? जब व्यक्ति अपमानित होता है तो किसी भी हद तक जा सकता है. भाजपा ने कभी नहीं कहा कि मांझी का साथ देंगे."

लेकिन पासवान ने स्वीकार किया कि मौक़े का फ़ायदा उठाना ग़लत नहीं, "मैं साफ़ कह रहा हूँ कि हम राजनीति में इस मौके का फ़ायदा उठाना चाहते हैं."

बिहार के दलित नेता पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष हैं, जिसकी स्थापना उन्होंने सन् 2000 में की थी.

मांझी को समर्थन

पासवान कहते हैं कि नैतिक तौर पर वो मांझी के साथ हैं. बीबीसी हिंदी के गूगल हैंगआउट में उन्होंने कहा, "नीतीश ने उनका अपमान किया है, इसलिए मैं उन्हें समर्थन दूंगा. मांझी के साथ हमारी सहानुभूति इसलिए है कि वह महादलित परिवार से आते हैं और वहां के लोग उन्नति नहीं कर पाते हैं."

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बिहार के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से कहा है कि वे 20 फ़रवरी को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें.

बिहार में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने वाला है. राम विलास पासवान के अनुसार वो इस बार विधानसभा का चुनाव भाजपा के साथ मिल कर लड़ेंगे.

उन्होंने कहा, "मैं एनडीए में हूं, इसलिए सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे देश में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ूंगा."

'साथ नहीं छोड़ना चाहता था'

पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी पहले यूपीए में थी और अब एनडीए में. इससे धारणा ये बनती है कि सत्ता में बने रहने के लिए वो अक्सर दल बदलते रहते हैं.

पासवान ने कहा, "मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि मैं अंत तक यूपीए के साथ बना रहना चाहता था. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की, लेकिन उन्होंने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई."

उन्होंने कहा, "मेरे बेटे चिराग पासवान ने कहा कि जात-पात की राजनीति छोड़कर हमें नरेंद्र मोदी के साथ चलना चाहिए और पार्टी के संसदीय बोर्ड ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि मोदी के साथ जाना चाहिए."

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