राजस्थान में अब 'स्टील ब्वॉय'

  • 18 फरवरी 2015
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सात साल पहले की बात है. तब राजस्थान के स्वरूपगंज से अहमदाबाद के रास्ते जा रही ट्रेन के शौचालय में जन्मी “स्टील बेबी” जोधा पटरियों पर गिरने के बावजूद आश्चर्यजनक ढंग से बच गई थी.

ऐसा ही एक वाकया फिर हुआ है. हनुमानगढ़ के डबली राठान में रविवार की आधी रात को ट्रेन के शौचालय में जन्मा बच्चा रेल की पटरियों के बीच गिरा और ज़िंदा बच गया.

हुआ यूं कि जब गर्भवती मनु कालका एक्सप्रेस से माँ के साथ सूरतगढ़ से हनुमानगढ़ जा रही थी तो रास्ते में उन्हें प्रसव पीड़ा हुई.

मनु ने ट्रेन के शौचालय में शिशु को जन्म दिया जो शौचालय से पटरियों के बीच जा गिरा.

प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी तरुण जैन ने बीबीसी को बताया कि ट्रेन के हनुमानगढ़ पहुँचते ही माँ को तुरंत हनुमानगढ़ टाउन अस्पताल में भर्ती कराया गया.

डबली राठान स्टेशन पर स्थित फ़ूड कार्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के गोदाम पर तैनात चौकीदार ने बच्चे के रोने की आवाज़ सुनी और रेल अधिकारियों को सूचित किया.

मां-बेटा सुरक्षित

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रेलवे अधिकारियों ने पॉइंट्समेन की मदद से बच्चे को डबली राठान अस्पताल पहुँचाया. वहां से उसे हनुमानगढ़ टाउन अस्पताल रेफर किया गया.

हनुमानगढ़ अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधकारी डॉ. एस.पी रोहिल्ला बताते हैं कि माँ और बच्चे दोनों की सेहत अच्छी है.

हालांकि बच्चे को फिलहाल शिशु इकाई में रखा गया है.

अस्पताल प्रशासन ने बाल कल्याण समिति को सूचित किया और समिति अध्यक्ष ने नवजात के बारे में पूरी जानकारी ली.

डॉ. रोहिल्ला ने कहा कि इस मामले में डीएनए टेस्ट सहित सभी आवश्यक प्रक्रिया में प्रशासन की तरफ़ से पूरा सहयोग होगा.

नियो नेटल विभाग प्रभारी डॉ. बिजरानिया के मुताबिक़ दो किलो वज़न वाले इस बच्चे के सारे टेस्ट नार्मल आए हैं. किसी गंभीर चोट के लक्षण नहीं हैं.

डॉ. बिजरानिया का कहना है कि वज़न कम होने के कारण एहतियातन उसे नियंत्रित तापमान में रखा जा रहा है और ट्यूब फ़ीड दी जा रही है.

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