सीमाओं को तोड़ता..रंग महोत्सव

  • 20 फरवरी 2015
अनुपम खेर, भारत रंग महोत्सव, आदिरंगम इमेज कॉपीरइट PREETI MANN

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में 17वें भारत रंग महोत्सव (भारंगम) का समापन आदिरंगम् (आदिवासी कलाकारों का संगम) से हुआ.

18 दिवसीय इस नाटक मेले में रंगमंच के कई रंग देखने को मिले.

इस बार भारंगम की थीम थी 'ब्रेकिंग द बॉडर्स ' जिसमें फोक, ट्राइबल और मॉडर्न थिएटर भी शामिल था.

बहुभाषी

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हिंदी नाटकों के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं मणिपुरी, पंजाबी, बांग्ला, गुजराती, राजस्थानी, असमी, मराठी, कन्नड़, तमिल, मलयालम, मालवी, छत्तीसगढ़ी, बघेली में नाटक हुए.

इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं चीनी, नेपाली, अंग्रेजी, सामी, हिब्रू, सिंहली, जर्मन में भी नाटकों का मंचन किया गया.

रचनात्मकता

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राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्र रहे निर्देशक भानु भारती अपने साहसी प्रयोगों और रचनात्मकता के लिए जाने जाते हैं.

उनके नाटक 'तमाशा न हुआ' में अभिनेताओं के बीच नाटक की प्रासंगिकता को लेकर बहस होती है, जो अंततः हमारे अपने राजनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक समय में मनुष्य की स्वतंत्रता के सवाल तक पहुंच जाती है.

आयरन लेडी की कहानी

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असमिया नाटक 'जॉयमोती' 17वीं सदी की आयरन लेडी की कहानी है, जिसने अपने बलिदान से असम राज्य का भाग्य बदल दिया.

इस नाटक में न सिर्फ़ जॉयमोती का संघर्ष दिखाया गया वरन उनके आत्मबल और राज्य के प्रति समर्पण को भी उजागर किया गया है.

नियति को चकमा

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'कुछ भी हो सकता है' एक ऐसे आदमी की कहानी है, जिसे होना तो नाकाम चाहिए था, लेकिन उसने अपनी नियति को चकमा दे उसे कामयाबी में तब्दील कर लिया.

फ़िरोज़ अब्बास खान निर्देशित यह नाटक प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर के जीवन पर आधारित था, जिसे उन्होंने खुद पेश किया.

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली से अभिनय के गुर सीख फिल्मों में गए अनुपम खेर आज सिनेमा जगत का जाना-माना नाम हैं.

चुगताई की कहानियां

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नसीरुद्दीन शाह निर्देशित 'कमबख़्त औरत' की प्रस्तुति प्रसिद्ध उर्दू लेखिका इस्मत चुगताई की कहानियों पर आधारित थी.

इसमें इस्मत चुगताई की तीन कहानियों 'अमर बेल', 'नन्हीं की नानी' और 'दो हाथ' को शामिल किया गया था. इस्मत अपनी अदम्य और ज्वलंत नारीवादी विचारधारा के लिए जानी जाती हैं.

ग़लती का अहसास

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भोपाल के थर्ड बेल समूह की प्रस्तुति 'प्लीज़ मत जाओ' की कहानी एक ऐसे पुरुष के इर्द-गिर्द घूमती है, जो स्वार्थवश अपनी प्रेमिका को धोखा देता है और कुछ समय बाद जब वही घटना उसके साथ घटती है तो उसे अपनी ग़लती का अहसास होता है.

निर्देशक अनूप जोशी (बंटी) ने यह नाटक विजय तेंदुलकर की दो कृतियों ‘रात्रा’ और ‘कालोख’ से प्रेरित होकर बनाया है.

हेमलेट और मीडिया

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बहुभाषी नाटक 'टु किल ऑर नॉट टु किल' में हम एक पुरुष पात्र (हेमलेट) और एक स्त्री पात्र (मीडिया) को देखते हैं, जो अपने लैंगिक सत्ता-संघर्ष के साथ चरम हिंसा के भी शिकार हैं.

दोनों पात्रों को कलाकार झिलमिल हजारिका ने बखूबी निभाया. प्रस्तुति में, हेमलेट के जीवन की घटनाएं मीडिया की जीवन-कथा के समानांतर आगे बढ़ती हैं.

आधुनिक चाणक्य

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चाणक्य अति विद्वान और मौर्य साम्राज्य के महामंत्री थे. उन्होंने नंद वंश का नाश कर चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया.

इसी कहानी को दर्शाता नाटक है, 'चाणक्य'.

लेखक और गायिका

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फ्रांसीसी ऑपेरा 'कारमेन' (ज्योर्जेस बिजेट लिखित) से प्रेरित नाटक 'क्लब डिजाइनर' प्यार, दीवानगी और कला की कहानी है, जिसकी पृष्ठभूमि में नाइट क्लबों, नृत्य, संगीत और कविता का संसार है.

इसमें एक लेखक और गायिका के प्रेम संबंध को दिखाया गया है. लेखक का शब्द अनुशासन पर ज़ोर है, जबकि गायिका ध्वनि की अभिव्यक्ति को ज़रूरी मानती है.

ग़ज़ब तेरी अदा

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राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक प्रोफ़ेसर वामन केन्द्रे के नाटक 'ग़ज़ब तेरी अदा' का दोबारा मंचन हुआ इसकी कहानी एरिस्टोफ़ेंस के नाटक 'लिसिस्त्राता' से प्रेरित है.

यह नाटक स्त्रियों द्वारा युद्ध बंद करवाने हेतु अनोखे शांतिपूर्ण अहिंसात्मक विरोध की लयात्मक प्रस्तुति है. केन्द्रे के अनुसार रंगमंच दरअसल ज़िंदगी को ज़िंदगी की तरह जीने का मौका देता है.

कथकली में ऑथेलो

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द इंटरनेशनल सेंटर फ़ॉर कथकली ने 'विलियम शेक्सपियर्स ऑथेलो' का मंचन किया.

केरल के नृत्य कथकली में यह प्रस्तुति अपनी तरह का अनूठा प्रयोग था, जिसे दर्शकों की भरपूर सराहना मिली.

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