नीतीश कुमार ने हाथ जोड़कर माफ़ी मांगी

  • 20 फरवरी 2015
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जनता दल यू नेता नीतीश कुमार ने कहा है कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देकर उन्होंने ग़लती की थी.

इस ग़लती के लिए उन्होंने बिहार की जनता से माफ़ी मांगी है.

नीतीश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वो एक बार फिर उसी अंदाज़ और तेवर के साथ काम करेंगे, जैसा कि उन्होंने अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल में किया था.

नीतीश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के विद्रोह की पूरी पटकथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लिखी थी, जो कि पूरी तरह फ़ेल हो गई.

मैदान में बैठा घोड़ा

पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भाजपा ने जदयू में गुट पैदा किया. लेकिन घोड़ा मैदान में जाने से पहले ही बैठ गया.

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जीतन राम मांझी के सरकारी काम में दखल देने के आरोपों पर नीतीश कुमार ने इसे धरती का सबसे बड़ा झूठ बताया.

उन्होंने कहा कि मांझी को उनके साथ-साथ सहयोगी पार्टियों ने भी समझया कि वो भाजपा की रणनीति को समझें और अपनी ज़ुबान पर लगाम लगाएं लेकिन वो नहीं माने.

उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ पर एक बार फिर ज़िम्मेदारी लेना स्वीकार किया है. नीतीश ने कहा कि उन्हें राज्यपाल के बुलावे का इंतजार है. उन्होंने सरकार बनाने का दावा पहले ही पेश कर दिया है.

मांझी का इस्तीफ़ा

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Image caption नीतीश कुमार ने कहा है कि फिर मुख्यमंत्री बनने पर वो पुराने अंदाज़ और तेवर में ही काम करेंगे

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को शु्क्रवार को विधानसभा में विश्वास मत पेश करना था. लेकिन सदन में जाने से पहले उन्होंने राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया.

इस्तीफ़ा देने के बाद मांझी ने विधानसभा अध्यक्ष के ऊपर अविश्वास जताया और कहा कि सदन में उनके समर्थकों के बैठने की व्यवस्था नहीं थी. और उनके समर्थक विधायकों को हत्या और सदस्यता ख़त्म करने की धमकी दी जा रही थी.

उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पूरी स्वतंत्रता के साथ काम नहीं करने दिया गया.

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