'दम लगाके हइशा' को कैसे मिला 'यू' सर्टिफ़िकेट

दम लगा के हइशा का एक दृश्य इमेज कॉपीरइट Yash raj films

'दम लगाके हइशा' यशराज फ़िल्म्स की आने वाली फ़िल्म है. यह फ़िल्म 27 फ़रवरी को सिनेमा घरों में रिलीज़ होने वाली है.

उसे 'यू' सर्टिफ़िकेट देने के लिए सेंसर बोर्ड ने इसके निर्माता-निर्देशक को तीन शब्द हटाने के आदेश दिए थे.

प्रासंगिकता

अंग्रेज़ी अख़बार डीएनए के मुताबिक़ तीनों शब्दों को बदला गया, जैसे घंटा की जगह ठेंगा, हरामीपना की जगह छिछोरापन और हरामखोर की जगह कठोर.

इसके बाद ही सेंसर बोर्ड ने फ़िल्म को 'यू' सर्टिफ़िकेट दिया.

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Image caption दम लगा के हइशा से घंटा, हरामीपना और हरामखोर शब्द हटाए गए हैं.

फ़िल्म निर्देशक शरत कटारिया का कहना है, ''इस फ़िल्म का जो किरदार है उसका स्वाभाव ही है गाली देना. ऐसा नहीं कि मैं सेंसर बोर्ड के पक्ष में नहीं हूँ लेकिन ऑडियंस क्या देखना चाहती है और क्या नहीं, इसका फ़ैसला ऑडियंस को करने दिया जाए. रही बात इन तीन शब्दों की तो इन्हें बदलने से मेरी कहानी की प्रासंगिकता खत्म हो जाएगी.''

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