निर्भया डॉक्यूमेंट्री पर किसने क्या कहा

  • 5 मार्च 2015
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निर्भया मामले पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर लगातार प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं.

राजनाथ सिंह, गृहमंत्री: "मैं पूरे मामले की जांच करवाऊंगा. अगर साक्षात्कार करने की प्रक्रिया में संशोधन की जरूरत है तो वो भी किया जाएगा."

अनु आगा, सांसद: "डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाने की कोशिश ग़लत है और यह समस्या का हल नहीं है."

मीनाक्षी लेखी, भाजपा सांसद: "डॉक्यूमेंट्री भारत की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने की कोशिश है, ऐसी डॉक्यूमेंट्री को नहीं दिखाया जाना चाहिए."

वेंकैया नायडू, संसदीय कार्य मंत्री: "डॉक्यूमेंट्री भारत को बदनाम करने की साजिश है."

जावेद अख्तर, सांसद और गीतकार: "एक तरफ़ तो हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं और दूसरी तरफ़ ऐसे दस्तावेज़ को रोकने की बात करते हैं जो सच्चाई पर आधारित है."

एपी सिंह, गैंगरेप मामले में बचाव पक्ष के वक़ील: "डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए. विचारों की स्वतंत्रता होनी चाहिए. अभियुक्त को भी अपनी बात कहने का अधिकार होना चाहिए."

निर्भया के माता-पिता: "हमें फ़िल्म की बजाए इस बात से ज़्यादा दुख है कि दोषियों को सज़ा देने में देर हो रही है."

बीबीसी: "पीड़िता के माता-पिता से अनुमति लेकर इसे बनाया गया और यह हमारे संपादकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप है."

चेतन भगत, लेखक: "प्रतिबंध को भूल जाइए. 'इंडियाज डॉटर' को ज़रूर देखा जाना चाहिए."

कविता कृष्णन, सामाजिक कार्यकर्ता: "जब तक न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक हम इस फिल्म की स्क्रीनिंग को स्थगित करने को कह रहे हैं."

शाजिया इल्मी, भाजपा नेता: "दोषी मुकेश सिंह के वकील को उनके महिला विरोधी बयान के लिए गिरफ़्तार करना चाहिए."

केसी त्यागी, जद(यू) सांसद: "तिहाड़ जेल के डीजी और अधिकारियों के ख़िलाफ़ साक्षात्कार की इजाज़त देने की वजह से कार्रवाई होनी चाहिए."

कनिमोझी, डीएमके नेता: "वो बहुत सारे लोगों की मानसिकता को प्रदर्शित करता है. डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाने का क्या फ़ायदा जब देश में ऐसी स्थिति हो."

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अलका लांबा, विधायक 'आप': "इससे भारत सरकार की कमज़ोरी पता चलती है. उसे इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण रुकवाने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए थे."

ललिता कुमारमंगलम, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष: "नैतिक रूप से ग़लत. उस पीड़ा के बारे में नहीं सोचा गया जिनसे कुछ महिलाओं को होकर गुज़रना पड़ा है."

रीता बहुगुणा, कांग्रेस नेता: "एक दोषी जिसे फांसी दी जानी चाहिए थी, उसे एक मंच दिया गया. इससे देश के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं."

बीएस बस्सी, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर: "हम ये सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे कि इसे आगे प्रसारित न किया जाए."

जगतमी सांगवान, महिला अधिकार कार्यकर्ता: "फिल्म को देखे बिना ही इस पर प्रतिबंध लगाना बहुत ही आपत्तिजनक है."

मुख़्तार अब्बास नक़वी, भाजपा नेता: "जिस चैनल ने निर्भया डॉक्यूमेंट्री को प्रसारित किया है, उसे माफ़ नहीं किया जा सकता है."

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