नष्ट किए गए प्राचीन निमरुद भग्नावशेष

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इराकी सरकार ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने प्राचीन असिरिया के निमरुद के भग्नावशेषों को नष्ट करना शुरू कर दिया है.

देश के पर्यटन मंत्रालय ने बताया कि आईएस इस पुरातात्विक विरासत के सबसे मशहूर रत्नों में से एक को नष्ट करने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया है.

आईएस के अनुसार ये प्राचीन मक़बरे और मूर्तियां "झूठी मूर्तियां" हैं और इन्हें ध्वस्त किया जाना चाहिए.

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Image caption रक्षा करने वाले असिरीयाई देवता पंखोंवाले बैल की मूर्ति को तोड़ते हुए

पिछले हफ्ते आईएस ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें चरमपंथियों को हथौड़ों से मोसुल के संग्रहालय में ऐतिहासिक कलाकृतियों को तोड़ना दिखाया गया था.

युद्ध अपराध

युनाइटेड नेशन के घटना की निंदा करते हुए इसे युद्ध अपराध करार दिया है.

पर्यटन मंत्रालय ने अपने फेसबुक पेज पर कहा कि आईएस ने "ऐतिहासिक पूर्व निमरुद शहर को ध्वस्त करने के लिए आईएस ने भारी गाड़ियों का इस्तेमाल किया."

इराक की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के उपायों पर चर्चा के लिए युनाइटेड नेशन सिक्युरिटी काउंसिल की मीटिंग की अपील करते हुए मंत्रालय ने कहा कि चरमपंथी "विश्व के लोगों की इच्छा और मानवता के ख़िलाफ" काम कर रहे हैं.

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अवशेषों को कितनी क्षति पहुंची है इस पर वक्तव्य में कुछ नहीं कहा गया है.

निमरुद

13 शताब्दी ईसा पूर्व निमरुद को मोसुल से 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थापित किया गया था. टाइग्रिस नदी के तट पर बसे इस प्राचीन शहर को काल्हू ने नाम से भी जाना जाता है.

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