'प्रशासन दीमापुर हादसे के लिए ज़िम्मेदार'

भीड़ ने बलात्कार के एक अभियुक्त को पीट-पीटकर मार डाला इमेज कॉपीरइट AP

नगालैंड में भीड़ के हाथों एक बलात्कार अभियुक्त की खुले आम हत्या के मामले में प्रशासन की कारगुज़ारी पर सवाल उठने लगे हैं.

दीमापुर सेंट्रल जेल में बंद अभियुक्त को गुरुवार दिन में क़रीब 10,000 की एक भीड़ ने जेल से निकालकर पीट पीटकर मार डाला था.

बीबीसी ने जब राज्य के मुख्यमंत्री टीआर ज़ेलियांग से ताज़ा हालात के बारे में पूछा तो वो बोले, ''स्थिति पर क़ाबू पा लिया गया है और फ़िलहाल राज्य में आपातकाल की घोषणा की गई है.''

बीबीसी को पूरी घटना कि जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ''23 फ़रवरी को बलात्कार की घटना घटी थी, जिसमें अभियुक्त को 24 फ़रवरी को हिरासत में लिया गया जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था. जहां गुरुवार को भीड़ ने जेल के लोहे के दरवाज़े तोड़कर उन्हें बाहर निकाला उसकी हत्या कर दी. ये अभियुक्त असम के करीमगंज के रहने वाले थे.''

मुख्यमंत्री से जब बीबीसी ने पूछा कि जेल से किसी अभियुक्त को निकालकर ले जाना क्या प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है? इसपर उन्होंने कहा, ''हम क़ुबूल करते हैं कि ये प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी है. हमने ये फ़ैसला किया है कि डीसी और एसपी को संस्पेंड किया जाएगा और इसपर न्यायिक जांच बिठाई जाएगी.''

'सांप्रदायिक सोच नहीं'

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अभियुक्त के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, 'उनपर आरोप थे वो केवल अभियुक्त था जिसपर एसडी जैन कॉलेज की एक छात्रा से बलात्कार का आरोप था. मामला दर्ज कर उसे गिरफ़्तार किया गया था."

मुख्यमंत्री जेलियांग ने इस घटना के पीछे किसी जातीय या सांप्रदायिक कारण होने की बात से इनकार किया है.

मामले में गिरफ़्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं.

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