दिल्ली गैंगरेप दोषियों के वकीलों को नोटिस

  • 7 मार्च 2015
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बार काउंसिल आॅफ इंडिया (बीसीआई) ने दिसंबर 2012 के दिल्ली सामूहिक बलात्कार के दोषियों के दो वकीलों को शुक्रवार देर रात कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं.

दोनों वकीलों पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अमर्यादित टिप्पणियां करने का आरोप है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया, ''हमने लेज़्ली उडविन की डॉक्यूमेंट्री में महिलाओं के ख़िलाफ़ अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में एमएल शर्मा और एपी सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है."

आरोप है कि दोनों ने कथित रूप से लेज़्ली उडविन की डाक्यूमेंट्री 'इंडियाज़ डॉटर' में महिलाओं के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की हैं.

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इस बीच, वकील एमएल शर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और उन्हें किसी तरह का नोटिस नहीं मिला है.

बीसीआई ने दोनों वकीलों के ख़िलाफ़ प्रथम दृष्टया में व्यावसायिक कदाचार का मामला पाया है.

अगर दोनों के जवाब संतोषजनक नहीं होते हैं तो उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं.

'नोटिस की जानकारी नहीं'

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Image caption दिल्ली गैंगरेप के बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक गैंगरेप में फांसी की सज़ा का इंतज़ार कर रहे अभियुक्त मुकेश सिंह के वकील एमएल शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कोई नोटिस मिलने से इनकार किया है.

शर्मा ने कहा, ''जिन लोगों ने यह डॉक्यूमेंट्री देखी है, उन्होंने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है."

उन्होंने कहा, "मैंने केवल महिलाओं की सुरक्षा और बचाव के बारे में बात की थी.''

वहीं, बचाव पक्ष के दूसरे वकील एपी सिंह का कहना है कि जो लोग उनका विरोध कर रहे हैं वो पक्षपात का शिकार हैं.

भारत सरकार ने लेज़्ली उडविन की डाक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन इसे ब्रिटेन में दिखाया गया है. साथ ही अमरीका समेत अन्य देशों में भी इसके प्रीमियर की तैयारियां हैं.

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