कश्मीर: मसर्रत की रिहाई से बीजेपी ख़फ़ा

  • 8 मार्च 2015
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भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर सरकार में साझीदार भारतीय जनता पार्टी ने अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई की कड़ी आलोचना की है.

जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रमुख और सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा है कि इस फ़ैसले के बारे में उनकी पार्टी से कोई सलाह मशविरा नहीं किया गया था, यह 'एकतरफ़ा फ़ैसला' है.

'नहीं ली राय'

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शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "न तो हमारी राय ली गई है और न ही इस फ़ैसले से पर हमारी सहमति है. अगर हमसे पूछा जाता तो हम इसके लिए तैयार नहीं होते. ऐसे लोगों को रिहा नहीं किया जाना चाहिए जो हर वक़्त भारत के ख़िलाफ़ ज़हर उगलते हैं."

मसर्रत आलम पर आरोप है कि उन्होंने 2010 में भारत विरोधी हिंसा भड़काई थी जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान गई थी.

नई गठबंधन सरकार के काम संभालने के सप्ताह भर के भीतर पैदा हुए इस विवाद ने न सिर्फ़ राज्य सरकार बल्कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भी मुश्किल में डाल दिया है.

शर्मा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी अपनी एक बैठक कर रही है जिसके बाद गठबंधन की साझीदार पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को अपने रुख़ से अवगत कराया जाएगा.

भाजपा का कहना है कि सरकार चलाने के लिए जो साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय किया गया है उसमें ऐसे अलगाववादियों की रिहाई की बात नहीं है.

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