पाकिस्तान: सभी मौत की सज़ाओं पर अमल होगा

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पाकिस्तान में आधिकारियों का कहना है कि मौत की सज़ा के सभी मामलों पर अमल होगा.

कुछ महीने पहले ही सरकार ने मौत की सज़ा पर लगी रोक को आंशिक रूप से हटाते हुए चरमपंथी के मामलों में दोषी क़रार दिए गए लोगों को फांसी देने का फैसला किया था.

लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिससे उन सब लोगों को फांसी देने का रास्ता साफ होगा जिन्हें मृत्युदंड दिया जा चुका है और जिनकी अपीलें या दया की याचिका ख़ारिज हो चुकी है.

मानवाधिकार संगठनोें का कहना है कि पाकिस्तान में तक़रीबन 8,000 लोग ऐसे हैं, जिन्हें फांसी की सज़ा सुनाई गई है.

अधिकारियों के अनुसार इनमें से एक हज़ार ऐसे हैं जिनकी अपीलें या फिर दया याचिकाएं ख़ारिज हो चुकी हैं.

सरकार हुई सख़्त

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पाकिस्तान में सात साल तक फांसी देने पर रोक लगी रही लेकिन दिसंबर में पेशावर के एक आर्मी स्कूल पर हुए चरपमपंथी हलमे के बाद सरकार ने फ़ैसला किया था कि उन लोगों को फांसी दे दी जाएगी, जिन्हें चरपमंथी हमलो के मामलों में मौत की सज़ा हुई है.

सरकार का कहना था कि इससे चरमपंथियोें को कड़ा संदेश जाएगा.

अब सरकार का फ़ैसला है कि सज़ा-ए-मौत पाए सभी लोगों को फांसी दी जाएगी.

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता एम इलियास ख़ान का कहना है कि ये साफ़ नहीं है कि इस समय मौत की सज़ा पर लगी रोक क्यों पूरी तरह हटाया गया है.

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