भाजपा का वॉकआउट, नीतीश को विश्वासमत

  • 11 मार्च 2015
नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार इमेज कॉपीरइट Shailendra Kumar

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के वाॅकआउट के बीच विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर लिया. विश्वासमत के समर्थन में 140 विधायकों ने मतदान किया, जबकि इसके ख़िलाफ़ एक भी मत नहीं पड़ा.

नीतीश कुमार के विश्वास प्रस्ताव पर चार घंटे से अधिक लंबी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने दो बार ध्वनिमत से सदन की राय जाननी चाहिए. लेकिन विधानसभा में जनता दल युनाइटेड के नेता विजय कुमार चौधरी मतदान की मांग की.

चौधरी ने कहा कि राजनीतिक पेचीदगियों और सूबे में फैलाए जा रहे राजनीतिक भ्रम को दूर करने के लिए यह ज़रूरी है. विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने भी चौधरी की मांग का समर्थन किया.

विपक्ष का वाकआउट

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब विश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष को जवाब दे रहे थे, भाजपा के सदस्यों ने यह कहते हुए सदन से वाकआउट किया कि वे मूल विषय से हट कर बोल रहे हैं.

विधानसभा में जदयू के 110, राष्ट्रीय जनता दल 24, कांग्रेस के पांच और सीपीआई के एक विधायक सहित एक निर्दलीय विधायक ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया.

जीतन राम मांझी गुट के माने जाने वाले विधायकों ने भी विश्वास मत के पक्ष में ही वोट डाला लेकिन ख़ुद मांझी विधानसभा नहीं आए.

समझा जाता है कि मांझी समर्थक विधायकों ने सदस्यता रद्द होेने के डर से सरकार के पक्ष में मतदान किया.

जदयू ने एक दिन पहले मंगलवार को व्हिप जारी कर सभी सदस्यों से विधान सभा में मौजूद रहने और विश्वास मत के पक्ष में वोट डालने को कहा था.

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