भारत में 'इंडियाज़ डॉटर' पर रोक बरकरार

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Image caption दिसंबर 2012 के दिल्ली गैंगरेप में दोषी - मुकेश सिंह.

दिल्ली में दिसंबर 2012 में हुए सामूहिक बलात्कार पर बनी फ़िल्म 'इंडियाज़ डॉटर' के भारत में प्रसारण पर लगी रोक बरकरार रहेगी.

भारत में इस डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण की इजाज़त देने की मांग करते हुए दो याचिकाएं दायर की गई थी.

इस पर फ़ैसला सुनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने कहा कि इस डॉक्यूमेंट्री को दिखाने से क़ानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

लेकिन इस मामले में ये आखिरी फ़ैसला नहीं है. अब इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस 18 मार्च को सुनवाई करेंगे.

'इंडियाज़ डॉटर' डॉक्यूमेंट्री में बलात्कार के दोषी मुकेश और उनका बचाव कर रहे वक़ीलों से बातचीत दिखाई गई है.

मुकेश ने अपनी सज़ा के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है जिस पर सुनवाई होना बाकी है.

रोक

Image caption फ़िल्मकार लेजली उड्विन

'इंडियाज़ डॉटर' को भारत में प्रसारित करने पर लगी रोक हटाने के लिए तीन छात्रों की तरफ से दो याचिकाएं दाखिल की गई थी.

फ़िल्मकार लेज़ली उड्विन की इस डॉक्यूमेन्ट्री का भारत में एनडीटीवी न्यूज़ चैनल पर प्रसारण होना था.

भारत में रोक लगने के बाद एनडीटीवी पर इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण नहीं हो पाया, हालांकि बीबीसी 4 ब्रिटेन में इसे प्रसारित कर चुका है.

भारत सरकार के अनुरोध के बाद इसे यूट्यूब की वेबसाइट से भी हटा दिया गया है.

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