सुज़ैट जॉर्डन की मौत

सुज़ैट जॉर्डन

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दो साल पहले सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई सुज़ैट जॉर्डन की मौत हो गई है.

बताया जाता है कि उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.

उन्होंने कोलकाता में बलात्कार के ख़िलाफ़ एक रैली में पहली बार अपनी पहचान ज़ाहिर की थी.

सुज़ैट जॉर्डन के साथ चलती कार में बलात्कार किया गया था और उन्होंने आमिर ख़ान के शो 'सत्यमेव जयते' में अपनी आपबीती साझा की थी.

पिछले शुक्रवार को बीबीसी ने इंडियाज डॉटर्स डॉक्यूमेंट्री पर लगे बैन के बार में उनका रुख जानने के लिए संपर्क किया था. कोशिश की थी.

तब बीबीसी से सुज़ैट ने कहा था, “मैं बहुत बीमार हूं.”

'योद्धा कभी नहीं मरते'

सुज़ैट फ़ेसबुक पर सक्रिय रहती थीं और मौत के बाद दोस्तों ने सोशल मीडिया के जरिए शोक ज़ाहिर किया है.

इमेज कॉपीरइट ATUL VIDYALAYA

उनकी दोस्त अदिति राय लिखती हैं, “योद्धा कभी नहीं मरते!”

स्वतंत्र फिल्मकार अनिन्दिता सर्वधिकारी ने फेसबुक पर लिखा, “एक ऐसा देश जहां रेप की शिकार महिलाएं गुमनामी की जिंदगी जीने को मजबूर हो जाती हैं, जहां रेप करने वाला व्यक्ति अपनी करतूत का निर्लज्जता से बखान करता फिरता है, वैसे देश में सुज़ैट ने अंधेरे रहने से इंकार किया. उन्होंने सिखाया कि जिन महिलाओं के साथ रेप हुआ है उन्हें हम 'विक्टिम' नहीं 'सर्वाइवर' पुकारें.“

हेल्पलाइन काउंसलर

कोलकाता में मौजूद बीबीसी संवादादाता अमिताभ भट्टासाली बताते हैं कि मेडिटेशन और काउंसलिंग की मदद से सुज़ैट एक साल पहले हुए रेप के बाद धीरे धीरे सामान्य ज़िंदगी की ओर लौट रही थी.

रेप के बाद मानसिक आघात से उबरने में सुज़ैट की मदद करने वाले संतश्री चौधरी कहते हैं, “वो मेरे लिए परिवार की एक सदस्य थी.”

सुज़ैट यौन प्रताड़ना के सर्वाइवरों की मदद के लिए चलाए जा रही हेल्पलाइन में काउंसलर का काम कर रही थीं.

सुज़ैट फ़रवरी 2012 में बलात्कार का शिकार हुई थीं. उन्होंने बलात्कार के ख़िलाफ आवाज़ उठाने और अन्य पीड़ितों को हिम्मत दिलाने की कोशिशों के तहत अपनी नाम और पहचान ज़ाहिर की थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार