बीबीसी के दफ़्तर में छात्राओं ने बांटे अनुभव

स्कूली छात्राएं

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस वर्षों से समाचार के बारे में स्कूली बच्चों के विचार जानने की कोशिश करता रहा है.

इसी कोशिश के तहत गुरुवार को ईशानी सर्वोदय कन्या विद्यालय की स्कूली छात्राएं बीबीसी दिल्ली के दफ़्तर पहुचीं. उन्होंनें सुबह 9:30 होने वाली प्लानिंग मीटिंग में भी हिस्सा लिया.

तीनों स्कूली छात्राओं ने समाचार चुनने की इस प्रक्रिया में भाग लेने के अपने अनुभव को लिखकर साझा किया. इस लेख में उन्होनें ख़बरों की अहमियत और भारत की मीडिया का विश्लेषण किया.

उन्होंने न सिर्फ़ मीडिया बल्कि अपनी पसंद के कपड़े पहने जाने के सवाल को भी उठाया और बताई आपबीती.

पायल

मेरा नाम पायल है. मैं ईशानी सर्वोदय कन्या विद्यालय में पढ़ती हूँ. वैसे तो मुझे समाचार पढ़ने या देखने की आदत नहीं है. मगर जबसे मैंने ये समझा कि हमारी दुनिया में क्या चल रहा है ये पता चलना बहुत ज़रूरी है, तो मैंने समाचार देखना पढ़ना शुरू कर दिया.

हालांकि मुझे बहुत समय तो नहीं मिल पाता, लेकिन मैं सोशल मीडिया के ज़रिए ख़बरों पर नज़र रखने लगी हूँ...मुझे राजनीति पसंद नहीं है और न ही उससे संबंधित ख़बरें, क्योंकि उसमें सामंजस्य नहीं होता है. लोग अपनी बात पर क़ायम नहीं रहते.

मुझे लगता है कि ऐसे लोग राष्ट्र के लिए परेशानी पैदा करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो काफ़ी मदद करते हैं. मुझे बहुत ख़ुशी हुई ये रिपोर्ट करके.

शालू

मैं शालू, ईशानी सर्वोदय कन्या विद्यालय की छठी कक्षा में पढ़ती हूँ.

मुझे अख़बार के बारे में कुछ नहीं पता था तो मैंने अपनी मम्मी से पूछा. उन्होंने मुझे बताया कि इसमें सारी दुनिया की ख़बरें होती हैं.

हमारी दुनिया में जो भी घटनाएं होती हैं उसकी जानकारी हमें न्यूज़ चैनल और न्यूज़पेपर से मिलती है. फिर मैंने अपने पापा से पूछा कि ये अख़बार बनता कैसे है?

पापा ने बताया कि ये अख़बार मशीनें बनाती हैं और उन मशीनों को इंसान बनाते हैं, अख़बार छापने से लेकर हम तक पहुंचाने का काम इंसान ही करते हैं... मैं ख़ुश हूँ कि मुझे ये रिपोर्ट बनाने का मौक़ा मिला.

विजयलक्ष्मी

मेरा नाम विजयलक्ष्मी है और मैं बारहवीं कक्षा की छात्रा हूँ. मीडिया एक ऐसा साधन है जिसके द्वारा हम विभिन्न मुद्दों से संबंधित जानकारियां प्राप्त करते हैं... इन समाचारों से हमें लाभ मिलता है.

मीडिया हमें समाज में होने वाली समस्याएं तो बताती ही है और साथ ही साथ उसके समाधान भी बताती है... हमें मीडिया का धन्यवाद करना चाहिए क्योंकि उसने हमें ऐसी जानकारियां दी जो हमारे लिए दूसरी तरह से जान पाना बेहद मुश्किल था.

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