बांस का पुल, देखा है कभी!

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आर्किटेक्ट अजय खन्ना लंदन से एक प्रदर्शनी लेकर दिल्ली आए हैं. ख़ास बात ये है कि इस प्रदर्शनी में सिर्फ़ बांस और इससे बनीं चीजें दिखाई गई हैं.

इस प्रदर्शनी में कोलंबिया के आर्किटेक्ट सिमोन विलेज़ के काम को दिखाया गया.

सिमोन विलेज़

अजय खन्ना कहते हैं, "बांस ऐसी चीज़ है जो बहुत सस्ता है और लगभग 200 साल टिका रहता है."

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बांस का इस्तेमाल हिंदुस्तान में लंबे समय से हो रहा है. बांस की टोकरियां बनती है और बांस का फर्नीचर भी बनाया जाता है.

सिमोन विलेज़ ने बांस का प्रयोग कर कमाल के चीज़ें बनाई हैं और उनमें से एक है बांस का पुल.

Image caption प्रदर्शनी के क्यूरेटर अजय खन्ना अपनी किताब के साथ.

इस प्रदर्शनी के क्यूरेटर अजय खन्ना सिमोन विलेज़ के साथ पिछले 10 साल से काम कर रहे हैं और सिमोन के काम से ही बांस के प्रति उनकी रुचि जगी.

अजय बताते हैं, "सिमोन अब 60 साल के हो चुके हैं, उन्हें बांस की बहुत ही पहचान है. उन्होंने अब तक 300 से ज़्यादा बांस की इमारतें और पुल बनाए हैं."

सिमोन 21 साल की उम्र से बांस का इस्तेमाल कर रहे हैं.

वो आगे कहते हैं, "उनका काम दुनिया तक पहुंचना चाहिए और लोगों को ये पता लगना चाहिए कि बांस से सिर्फ़ सीढ़ी या टोकरी ही नहीं, बल्कि घर और पुल भी बना सकते हैं."

मक़सद

बांस, सीमेंट और ईंट के मुक़ाबले काफ़ी सस्ता होता है और इससे बनीं इमारतें 200 साल से भी ज़्यादा समय तक टिकी रहती हैं और इसका रख-रखाव भी जेब पर भारी नहीं पड़ता.

अजय कहते हैं, "मैं सभी आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स को इस प्रदर्शनी के माध्यम से ये बताना चाहता हूँ कि आप सीमेंट और ईंट के अलावा बांस का प्रयोग करें. उन्हें सिमोन के काम से कुछ सीखना चाहिए."

उन्होंने आगे कहा, "भारत कि नदियों पर भी ऐसे पुल बनने चाहिए जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी और ऐसा पुल उस नदी की ख़ूबसूरती को भी बढ़ाएगा."

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