पंजाब में न जय जवान, न जय किसान: मान

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पंजाब में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को रिझाने की कोशिश की.

अपने भाषण में मोदी ने सबसे ज़्यादा ज़ोर किसानों के मुद्दे पर देते हुए कहा कि पंजाब की भूमि ने देश को जवान और किसान दोनों दिए हैं.

नरेंद्र मोदी के बयान पर टिप्पणी करते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा कि 'आज पंजाब में न जय किसान है और न जय जवान.'

बीबीसी से बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि मोदी सरकार किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर यू-टर्न ले रही है.

'भूमि बिल न आता'

भगवंत मान ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "यदि मोदी किसानों के बारे में चिंतित होते तो भूमि अधिग्रहण बिल न आता. इसका सबसे ज़्यादा नुक़सान पंजाब को होगा. अब एक से अधिक फ़सलें देने वाली भूमि का भी अधिग्रहण हो पाएगा. उद्योगपति जिस भूमि को चाहेगा वो उसकी हो जाएगी."

उन्होंने कहा, "बीजेपी ने अपने चुनावी घोणापत्र में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने का वादा किया था जिसके तहत किसानों को उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए. लेकिन सरकार इससे भी पलट गई."

मान ने कहा, "यही नहीं एफ़सीआई ने घोषणा की है कि वह पिछले साल के मुक़ाबले पचास फ़ीसदी कम अनाज ख़रीदेगी. तो अब किसान कहाँ जाएगा?"

नरेंद्र मोदी ने पंजाब की ज़मीन में पानी के स्तर पर चिंता ज़ाहिर की थी. इस पर भगवंत मान ने कहा, "यदि मोदी वाक़ई पंजाब के किसानों के लिए चिंतित हैं तो किसानों को गेंहू और चावल उगाने के चंगुल से निकालें और अन्य फ़सलें उगाने के लिए इंसेटिव दें."

'जख़्में पर नमक'

Image caption भगवंत मान का कहना है कि बीजेपी किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर यू-टर्न ले रही है.

मान ने कहा, "पंजाब में नए ट्रैक्टरों की मंडी लगने लगी है. किसान ज़मीन के क़ाग़ज़ जमा कर लोन पर ट्रेक्टर ख़रीदते हैं और फिर घाटे पर इसे बेचते हैं ताक़ि पैसों से बच्चों की शादी कर सकें. आज पंजाब में न जय किसान है और न जय जवान है."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों से 'मन की बात' कार्यक्रम पर मान ने कहा, "मैं संगरूर से सांसद हूँ. कभी यहां अनाज का सबसे ज़्यादा उत्पादन होता था लेकिन आज यहाँ किसान ख़ुदक़ुशी कर रहे हैं. अभी बेमौसम बरसात हुई और सरकार किसानों को मुआवज़े के नाम पर 26-26 रुपए के चैक भेजकर उनके ज़ख़्मों पर नमक छिड़क रही है."

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