गोवंश हत्या क़ानून में पहला केस दर्ज

महाराष्ट्र में गोवंश हत्याबंदी कानून लागू होने के बाद इसके अंतर्गत पहला मामला नासिक जिले के मालेगांव में दर्ज हुआ है.

इस महीने की 2 तारीख से लागू कानून के तहत यह मामला आज़ाद नगर थाने में दर्ज किया गया है.

पुलिस के अनुसार बुधवार दोपहर आज़ाद नगर में गाय काटे जाने की ख़बर मिली.

मालेगांव के डीएसपी संजय सवाई के अनुसार, “गाय काटे जाने की खबर मिलते ही हम मौके पर पहुंचे लेकिन तीनों अभियुक्त फरार हो गए. तीनों की पहचान हो गई है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है.”

'गैरकानूनी हुआ व्यवसाय'

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पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों के नाम है रशीद चिन्या उर्फ़ पांड्या, हमीद मेंढी और आसिफ तलाठी.

पुलिस के अनुसार, "तीनों मालेगाव के बजरंगवाडी के रहने वाले हैं. वे कसाई का काम करते थे. जानवर काटकर मांस बेचना उनका पेशा है. लेकिन गोवंश हत्या बंदी कानून के लागू होने के बाद उनका व्यवसाय गैरकानूनी हो गया है, जिसकी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई."

पुलिस ने मौके से 150 किग्रा गाय का मांस और जानवर काटने के औजार बरामद किए हैं. मांस के नमूने मुंबई के गवर्नमेंट वेटनरी कॉलेज तथा अस्पताल में रासायनिक जाँच के लिए भेजे गए हैं.

आज़ाद नगर पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक पीआर खैरनार के अनुसार अभियुक्तों के खिलाफ गोवंश हत्या बंदी कानून, महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन (अमेंडमेंट) बिल 1995, भारतीय प्राणी संरक्षण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

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