योगेंद्र, भूषण राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर

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योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाल दिया गया है.

आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की दिल्ली में बैठक चल रही है लेकिन योेगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण मीटिंग छोड़ बीच में ही बाहर आ गए.

योगेंद्र यादव ने कहा है कि बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई है जबकि प्रशांत भूषण ने इसे उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बाउंसर बुलाकर पीटा गया.

पार्टी नेता प्रोफ़ेसर आनंद कुमार ने कहा कि बैठक में जो कुछ हुआ वह लोकतांत्रिक नहीं था और उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया.

उन्होंने कहा, "भले ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है लेकिन वह अब भी पार्टी के कार्यकर्ता हैं. न पार्टी छोड़ेंगे, न तोड़ेंगे बल्कि सुधरेंगे और सुधारेंगे."

हमदर्दी

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इस बीच आप के प्रवक्ता आशुतोष ने ट्वीट किया कि योगेंद्र यादव की इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि बैठक में लोगों के साथ मारपीट की गई. वह हमदर्दी जुटाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि क़रीब एक दर्जन सदस्यों ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाले जाने के प्रस्ताव का विरोध किया जबकि कुछ ने इसका बहिष्कार किया.

आशुतोष ने कहा कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण अगर आंतरिक लोकतंत्र में विश्वास करते हैं तो उन्हें पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण समिति के फ़ैसले को मानना चाहिए.

इससे पहले बैठक स्थल के बाहर पार्टी के नेता योगेंद्र यादव के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी और धक्कामुक्की हुई.

बैठक स्थल के सामने योगेंद्र यादव धरने पर बैठ गए लेकिन बाद में वे अंदर गए.

नारेबाज़ी

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वह यह कहते हुए धरने पर बैठे थे कि जब तक उन सब लोगों को राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जाने नहीं दिया जाता जिनके पास न्योता है, तब तक वह धरने पर रहेंगे.

बड़ी संख्या में केजरीवाल समर्थक बाहर मौजूद थे और लगातार योगेंद्र यादव के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.

योगेंद्र यादव ने अपने ट्विटर पर पार्टी के लोकपाल एडमिरल (सेवानिवृत्त) एल रामदास की एक चिट्ठी डाली है जिसमें रामदास ने कहा है कि उन्हें बैठक में आने से मना कर दिया गया है.

रामदास बैठक में हिस्सा लेने के लिए महाराष्ट्र से दिल्ली आए हैं.

'तू तू मैं मैं का हिस्सा न बनें'

योगेंद्र यादव ने कुछ देर पहले ट्विटर पर लिखा, "सभी साथियों, समर्थकों और शुभचिंतकों से मेरा अनुरोध अगर आप पार्टी की आत्मा और एकता को बनाए रखना चाहते हैं तो घर बैठकर प्रार्थना करें. राष्ट्रीय स्थल की बैठक के बाहर किसी शक्ति परीक्षण या तू-तू मैं-मैं का हिस्सा न बनें."

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उधर पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कहा है कि जो भी पार्टी को नुक़सान पहुँचा रहा है उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए.

अटकलें लगाई जा रही है कि पार्टी की बैठक में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के ख़िलाफ फ़ैसला आ सकता है.

इस बीच भाजपा नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आप में चल रहे घमासान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस तरह की राजनीति की उम्मीद नहीं की थी जहां नेता एकदूसरे की निजी बातचीत को टेप करना शुरू कर देंगे.

उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ उन्हें चुना है और उन्हें राजनीतिक अनुभवहीनता से इस ऐतिहासिक अवसर को नहीं खोना चाहिए.

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