जम्मू-कश्मीर बाढ़: एक्शन में पीएम और सीएम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में बाढ़ की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है और केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी को जम्‍मू-कश्‍मीर के प्रभावित इलाक़े का दौरा करने का निर्देश दिया है.

मुख्तार अब्बास नकवी केंद्रीय अधिकारियों की एक टीम के साथ प्रभावित इलाकों में जाएगें और नुकसान और स्थितियों का पूरा जायजा लेंगे.

दूसरी ओर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद भी जल्द ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे.

उन्होंने कहा, "बाढ़ से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हालात बेहतर होंगे."

चौबीसो घंटे चौकसी

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जम्मू कश्मीर में बाढ़ पर स्थितियों से निपटने के लिए दोपहर में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक होगी.

जम्मू कश्मीर के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने बताया कि पिछले साल आई आपदा से सबक लेते हुए सरकार बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन के लिए जरूरी कदम उठा रही है.

नईम अख्तर का कहना है कि नाव और बालू के बोरों का इंतजाम किया जा चुका है और घाटी में जगह जगह चौबीसो घंटे चौकसी बरती जा रही है.

जम्मू कश्मीर सरकार ने श्रीनगर और संगम में झेलम का जल स्तर खतरे का निशान पार होने के बाद राज्य में बाढ़ घोषित कर दी है.

साथ ही सरकार ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है.

खतरे के पार जल स्तर

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झेलम नदी में पानी का स्तर बढ़ने के बाद रविवार की रात को बाढ़ की चेतावनी जारी की गई थी.

राज्य के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है.

श्रीनगर में मौजूद बीबीसी संवादाता रियाज़ मसरूर के मुताबिक़ सुबह चार बजे प्रशासन ने अपने बयान में कहा है कि झेलम के किनारे संगम और राम मुंशी बाग में पानी ख़तरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन की वजह से 18 घरों समेत 44 इमारतों को नुकसान पहुंचा है.

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प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी होने के बाद से श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में झेलम नदी के किनारे के इलाकों से लोग सुरक्षित जगहों के लिए निकल चुके हैं.

लोगों की मदद के लिए सोशल मीडिया और रेडियो के ज़रिए टेलीफोन नंबर जारी किए गए हैं.

साथ ही झेलम के आर पार और किनारों के महत्वपूर्ण इलाकों में राहत शिविर की व्यवस्था की गई है.

परीक्षाएं स्थगित

भूस्खलन के कारण जम्मू श्रीनगर हाईवे बंद कर दिया गया है.

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जम्मू कश्मीर में सारी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं और स्कूलों में दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है.

कश्मीर घाटी में शनिवार से ही भारी बारिश हो रही है. पिछले साल भी सितंबर में बाढ़ आई थी.

सितंबर में आई बाढ़ ने जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी और राजधानी श्रीनगर को तो लगभग बर्बाद कर दिया था.

हज़ारों लोग बेघर और तबाह हो गए थे. कम से कम 200 लोगों की मौत हो गई थी.

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