बाढ़ से बदहाल जम्मू-कश्मीर

  • 3 अप्रैल 2015
श्रीनगर के साइदा कदल में बाढ़ इमेज कॉपीरइट PTI
Image caption श्रीनगर के साइदा कदल में एक परिवार सुरक्षित जगह की ओर जा रहा है.

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में पिछले दो-तीन दिनों से बारिश और बाढ़ ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है.

हालांकि गुरुवार को बारिश थमी तो लोगों को थोड़ी राहत मिली थी लेकिन शुक्रवार को मौसम विभाग की ओर से बारिश दोबारा होने की आशंका जताई गई है.

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Image caption डल झील से सटे इलाकों में पानी घरों में घुस आया है.

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के चलते डल झील में पानी का स्तर बढ़ सकता है.

पिछले वर्ष आई बाढ़ में कश्मीर में लगभग 300 लोगों की मौत हो गई थी.

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Image caption डल झील में बारिश से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करते लोग.

राज्य के बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार कश्मीर के दक्षिण में संगम में झेलम नदी 14.10 फीट पर बह रही है जो ख़तरे के निशान से नौ फीट नीचे है. राम मुंशी बाग़ में यह स्तर 15.25 फीट है.

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Image caption गांव में पानी के बढ़ते स्तर को रोकने की कोशिश कर रहे लोग.

अधिकारियों के अनुसार रात भर चली लगातार बारिश से नदी में पानी का स्तर बढ़ा ज़रूर है पर अभी बाढ़ का ख़तरा नहीं हैं.

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Image caption भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद किया गया है.

रुके हुए हलके वाहनों के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार को खोल दिया गया था. पर भूस्खलन का आशंका के चलते राजमार्ग को फिर से बंद कर दिया गया है.

ऑल इंडिया रेडियो के अनुसार गुरुवार को जम्‍मू-कश्‍मीर में बारामूला जिले में जमीन धंसने से 38 मकान क्षतिग्रस्‍त हो गये हैं.

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Image caption रेत की बोरियों से झेलम के बढ़ते पानी को रोकने की कोशिश करते सेना के जवान.

भारतीय सेना ने इंजीनियर और चिकित्सकों को लेकर का एक राहत दल गठित किया गया है जो कि बाढ़ और बारिश से जूझ रहे इलाकों में राहत के काम में जुटा हुआ है.

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Image caption बाढ़ के पानी को रिहाइशी इलाकों में घुसने से रोकने के लिए रेत की बोरियों का बांध बनाने की कोशिश.

सेना के साथ पुलिस भी राहत के काम में जुटी हुई है.

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