नीतियों से बड़ी होती है नीयत: मोदी

  • 3 अप्रैल 2015
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बेंगलुरु में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़्यादातर अपनी दस माह पुरानी सरकार की उपलब्धियां गिनाते नज़र आए.

मोदी ने कहा कि जनता ने उन्हें पूर्ण बहुमत दिया है और उनकी सरकार भी जनता की आशाओं, आकांक्षाओं पर खरी उतरेगी.

मोदी ने कहा, "दस महीने के अनुभव ने बताया है कि ऐसा कोई कारण नहीं कि ये देश पिछड़ जाए. अगर नीयत साफ़ हो तो काम सही होता है और उसके नतीजे भी सही आते हैं."

भाषण की शुरुआत उन्होंने उस आलोचना से की जिसपर कांग्रेस अकसर निशाना कसती रही है कि इस सरकार ने नया क्या किया और वो पुरानी नीतियों को ही आगे चला रहे हैं.

इस पर मोदी बोले, "कभी कभी नीति से ज़्यादा ताकतवर नीयत होती है. ये सरकार की साफ़ नीयत का ही नतीजा है कि इतने सारे विकास कार्यक्रम शुरू किए जा सके. सैकड़ों विकास के प्रोजेक्ट सात-आठ साल से लटके पड़े थे-हमने एक-एक करके उन्हें फटाफट मंज़ूरी दी."

काले धन पर एसआई टी

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प्रधानमंत्री का कहना था कि पुरानी सरकार काले धन पर बरसों बैठी रही लेकिन एक जांच दल नहीं बिठा पाई.

मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के तत्काल बाद कैबिनेट ने काले धन पर एक विशेष जांच समिति बना दी.

भाषण में उन्होंने कहा, "मोदी भले नया हो, अनुभव कम हो लेकिन देश चिर पुरातन है. जो गया है उसे लाना है. लेकिन नया ले जाने की कोई हिम्मत ना करे, इसका भी प्रबंध करना है."

कोयला खदान और स्पेक्ट्रम ऑक्शन

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने कोयले में हाथ डाला तो कुछ लोगों की तिजोरियां भर गईं. लेकिन भाजपा सरकार ने कोयले में हाथ डाला तो 'कोयले को हीरा बना दिया.'

उन्होंने रेल बजट की भी प्रशंसा की. उनके मुताबिक ये इस रेल बजट में विज़न है कि अगले दस साल में देश में रेलवे की क्या स्थिति होगी.

डिजिटल इंडिया

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मोदी ने डिजिटल इंडिया के अपने विज़न की बात करते हुए कहा कि लाखों गांवों में ऑप्टिकल फाइबर का नेटवर्क स्थापित करना है.

उनका कहना था कि जिस देश में जनसंख्या से ज़्यादा मोबाइल फोन हों उस देश में मोबाइल गवर्नेंस भी हो सकती है. और मोबाइल गवर्नेंस का मतलब होता है गुड गवर्नेंस और गुड गवर्नेंस का मतलब ट्रांसपेरेंसी यानी पारदर्शिता है.

राज्यों से संबंध

मोदी ने केंद्र सरकार की विकास कार्यों में राज्य सरकारों का पूरा सहयोग देने की मंशा पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार को दी गई राशि में लगभग 197 प्रतिशत इजाफा किया गया है.

भाषण में नरेंद्र मोदी बोले, "दिल्ली में बैठने वालों को लगता है कि हम सब कुछ हैं. राज्य तो मांगने वाला है. हम देने वाले हैं. हमने ये सोच बदली है."

चतुरंगी क्रांति

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Image caption 'चतुरंगी क्रांति'

किसानों के विकास ने भी मोदी को भाषण में जगह पाई. उन्होंने कहा कि किसान को पानी मिले, बिजली मिले ज़मीन की रक्षा हो, इसके लिए सरकार ने अरबों रुपए खर्च करके पहले ज़मीन को ताकतवर करने का बीड़ा उठाया है.

उन्होंने चतुरंगी क्रांति की बात की- दूसरी हरित क्रांति, श्वेत यानी दुग्ध क्रांति, केसरिया यानी ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति और नीली यानी सामुद्रिक शक्ति में क्रांति.

मेक इन इंडिया पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि अगर 'हमारे नौजवानों के हाथ में हुनर हो तो भारत का नौजवान भारत का भाग्यविधाता बन सकता है.'

गैस सब्सिडी

आखिर में प्रधानमंत्री मोदी गैस पर दी जा रही सब्सिडी पर बोले और कहा कि गैस सब्सिडी अब सीधे लोगों के बैंक खातों में जा रही है. इससे सब्सिडी में चोरी की संभावना कम हुई है.

लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा मोदी ने कहा कि जब शास्त्री जी ने देश की जनता से एक बार का भोजन छोड़ने की अपील की थी तो देशवासियों ने उनकी बात सुनी थी.

आज भी जब उन्होंने देश के संपन्न लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए कहा तो दो लाख लोग आगे आए जिससे सौ करोड़ रुपए बच गए. उन्होंने वादा किया कि जो पैसा बचेगा उससे उन गरीब लोगों को गैस की सुविधा दी जाएगी जिनके घरों में गैस के चूल्हे नहीं हैं.

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