'जंगल, आदिवासी ज़मीन पर गुमराह न करें'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण क़ानून को लेकर समाज को गुमराह किया जा रहा है.

दिल्ली में राज्यों के पर्यावरण और वन मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ''जंगल और आदिवासियों की ज़मीन का भूमि अधिग्रहण क़ानून से कोई संबंध नहीं है. समाज को गुमराह किया जा रहा है.''

मोदी ने इस मौके पर हवा की गुणवत्ता बताने वाले नेशनल एयर पॉलूयशन इंडेक्स की शुरुआत भी की है.

मोदी के भाषण 7 ख़ास बातें

  • कुछ लोगों का कहना है कि विकास और पर्यावरण परस्पर विरोधी बातें हैं. ये विचार ग़लत है, दोनों संभव हैं.

  • भारत सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बायोमास से बनने वाली ऊर्जा पर ज़्यादा ध्यान देगा.
  • जल-वायु परिवर्तन से निपटने में भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर सकता है.
  • देश में बाघों की संख्या बढ़ी है जो गौरव की बात है.
  • उपभोक्तावादी जीवनशैली बदलने की ज़रूरत है. जहां उपभोग की प्रवृत्ति कम है वहां प्रकृति का शोषण कम है.
  • दुनिया में रीसाइक्लिंग (दोबारा इस्तेमाल) की बड़ी चर्चा है. हमारे यहां सालों से घरों में ये प्रवृत्ति रही है.
  • जंगल और आदिवासियों की ज़मीन का भूमि अधिग्रहण क़ानून से कोई संबंध नहीं है. समाज को गुमराह किया जा रहा है

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