सूट के बाद अब मोदी के गांव का टूर पैकेज

  • 8 अप्रैल 2015
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कुछ दिन पहले खुद का नाम लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विवादित सूट 4.31 करोड़ रुपए में बिका था.

अब मोदी की जन्म स्थली गुजरात के वडनगर का 10 डॉलर का टूर पैकेज आ गया है.

‘ए राइज़ फ़्रॉम मोदीज़ विलेज’ नाम से टूर पैकेज की शुरुआत एक निजी टूर ऑपरेटर ने की है और इसे गुजरात सरकार प्रमोट कर रही है.

चार दशक पहले एक छोटे से लड़के ने गुजरात के अनजान से वडनगर के गांव को छोड़ दिया था. अब वो भारतीय राजनीति के सबसे ऊंचे पद पर पहुंच गया है.

वो निजी टूर ऑपरेटर छात्रों और पर्यटकों को वडनगर ले जाएगा, जहां पर्यटकों को नरेंद्र दामोदरदास मोदी के जीवन से जुड़े पहलुओं को देखने का मौका मिलेगा.

गुजरात सरकार प्रमोटर

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टूरिज़्म कार्पोरेशन गुजरात लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय कौल कहते हैं, "राज्य सरकार केवल टूर को प्रोत्साहित कर रही है. ऐसा वो गुजरात के हर टूर के साथ करती है."

कौल के अनुसार, "हालांकि इस टूर का पूरा प्रबंधन और संचानल एक निजी टूर ऑपरेटर के हाथ में है."

इस पैकेज के तहत क़रीब छह सौ रुपए में अहमदाबाद से वडनगर के इस छोटे से कस्बे तक की एक दिन की यात्रा कराई जाती है.

वडनगर से पहले टूर कंपनी मेहसाना के सूर्य मंदिर का भी भ्रमण कराएगी.

टूर कंपनी अक्षर ट्रवेल्स के निदेशक मनीष शर्मा कहते हैं, "जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के दौरान गुजरात आने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए हमने ये टूर डिज़ाइन किया है."

उन्होंने बताया, "प्रवासी भारतीयों में यह टूर काफ़ी लोकप्रिय हुआ था. बाद में हमने इसी के तहत भूटान के प्रधानमंत्री को भी भ्रमण कराया. इसके बाद से काफ़ी लोगों ने इसके बारे में जानकारी मांगी."

अब प्रतिदिन सेवा

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मनीष शर्मा के अनुसार, "लोगों की इतनी दिलचस्पी देखकर हमने फैसला लिया कि 22 अप्रैल से इसे प्रतिदिन चलाया जाए."

इसके अलावा मोदी का स्कूल, वो झील (कुछ लोगों को अनुसार जहां उन्होंने मगरमच्छ पकड़ा था) रेलवे स्टेशन, जहां वो चाय बेचा करते थे और स्कूली दिनों के उनके साथियों से मिलवाना भी इसमें शामिल है.

शर्मा के अनुसार, "अभी तक इस टूर से 10,000 लोग भ्रमण कर चुके हैं. उस रेलवे स्टेशन को देखने के लोग बहुत इच्छुक हैं जहां मोदी चाय बेचते थे. इस गर्मी में हम क़रीब 40,000 लोगों को इस टूर पर ले जाएंगे."

वो कहते हैं, "आने वाले दिनों में हम अमरीका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में इस टूर के बारे में प्रचार करेंगे."

शुरू होगी स्पेशल ट्रेन?

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वडनगर का यह छोटा क़स्बा सुर्खियों में तब आया जब नरेंद्र मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने.

इस क़स्बे में कई बॉलीवुड फ़िल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है और कई गणमान्य लोगों ने यहां का दौरा भी किया है.

वडनगर का इतिहास 2500 वर्ष पुराना है और महाभारत में इसे अनार्तपुर के नाम से इसका उल्लेख है.

यह भी कहा जाता है कि बहुत पहले वडनगर गुजरात की राजधानी था. 641 ईस्वी में वडनगर आने वाले चीनी यात्री जुआंगजांग ने बौद्ध संस्थाओं की मौजूदगी के बारे में लिखा है.

गुजरात सरकार के अधिकारियों का मानना है कि यहां के लिए एक स्पेशल ट्रेन भी शुरू की जा सकती है, जो वडनगर को देश के प्रसिद्ध बौद्ध पर्यटन स्थलों से जोड़ेगी.

अब तक वाडनगर का टूर केवल कुछ विशेष लोगों के लिए था लेकिन देखना होगा आम लोग इसे किस तरह देखते हैं.

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