खईके पान घंटी वाला !

  • 8 अप्रैल 2015
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भारतीय समाज में पान का एक अलग ही स्थान हैं. मगही हो या मद्रासी, बनारसी हो या कलकत्ता, आपने कभी-न-कभी इनका रसास्वादन तो किया ही होगा.

पान और पानवालों के कई क़ि‍स्से आप सबने सुन रखें होंगे, लेकिन क्या किसी ऐसे पान वाले का ज़ि‍क्र आपके सामने आया है जो मशहूर पान की वजह से नहीं बल्कि‍ पान देने के ख़ास अंदाज़ की वजह से मशहूर है.

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मुंबई के बोरीवली में ‘घंटा पान वाला’ नाम से दुकान चलाने वाले विनोद तिवारी यहां काफ़ी मशहूर हैं. वो न सिर्फ़ पान की कई वेरायटी रखते हैं बल्कि‍ उन्होंने घंटियों का संकलन भी किया है और इस संकलन के लिए उनको गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान भी मिला है.

विनोद के पास 450 घंटियां हैं, जो 250 देशों से आई हैं और सबसे मज़ेदार बात यह कि विनोद ने एक भी घंटी खरीदी नहीं है बल्क‍ि यह सब उनके ग्राहकों की देन हैं.

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जब भी उनका कोई ग्राहक विदेश की सैर पर जाता है वहां से उनके लिए एक घंटी ले आता है और इसी तरह उनके पास अभी तक 450 घंटियाँ जमा हो चुकी हैं.

शुरुआत

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1933 में पुणे मेें जब पहली बार विनोद के दादा ने ये दुकान खोली थी तो उन्हें किसी ने कहा कि दुकान में एक घंटी लगा लो और जब भी पान बनाओ तो घंटी बजाकर वो पान भगवान को चढ़ा कर ही ग्राहक को दो. इस तरह से वो पान प्रसाद बन जाता है. तब से शुरू ये परंपरा आज भी विनोद निभा रहे हैं.

अपनी बात को आगे जोड़ते हुए कहते हैं, “पुणे से घंटी बजाते हम मुंबई आ गए और अब मुंबई में कुछ और दुकानों को खोलने का मन बना रहे हैं.”

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घंटी वाले पान की इस छोटी- सी दुकान पर लोगों की भीड़ का आलम यह रहता है कि औसतन हर तीन मिनट में घंटी का स्वर आपको सुनाई देता है.

ख़ास घंटिया

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इनकी जमा की हुई सभी घंटियाँ ख़ास हैं. सबसे पहली घंटी इन्हें फ्रांस से किसी ने लाकर दी थी और अब इनके पास जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड और बुर्ज ख़लीफ़ा की बिल्ड‍िंग वाली घंटी भी है.

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नेपाल की एक घंटी को बड़े उत्साह से दिखाते हुए कहते हैं, “ये नेपाल की घंटी है, जिसे मेरे एक ग्राहक ने दिया था. इस घंटी में आगे की ओर खुकरी जैसा आकार है. इसकी आवाज़ से जानवर दूर भाग जाते हैं और अचानक हुए हमले से निबटने के लिए ये खुकरी मदद करता है.” धूल मिट्टी से बचाने के लिए विनोद ने इन्हें कांच के केस में बंद कर रखा है.

वेरायटी

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पान की दुकान पर पान की बात न हो ये तो हो ही नहीं सकता. विनोद कहते हैं कि उनके पास डेढ़ सौ से ज़्यादा पान की क़ि‍स्में हैं जिनमें चॉकलेट पान, रसमलाई जैसे नाम प्रमुख हैं

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विनोद घंटियों से बिजनेस को फ़ायदे के बारे में बताते हैं, “कई बार तो लोग सिर्फ़ घंटि‍यां देखने आते हैं और फिर पान ले जाते हैं.”

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