अब ऐपल लाया समलैंगिक इमोजी

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अगर आपने अपने ऐपल फ़ोन का नया सॉफ़्टवेयर iOs 8.3 में अपडेट किया है तो आपकी नज़र उसके नए इमोजीज़ पर तो पड़ी ही होगी.

ऐपल के नए सॉफ़्टवेयर अपडेट में कई नए फ़ीचर लाए गए हैं लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा उसके नए इमोजीज़ को लेकर हो रही है जिसमें अब हर हाव-भाव दर्शाने के लिए काले, गोरे और भूरे रंग के चेहरे डाले गए हैं.

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इन इमोजीज़ के ज़रिए ये संदेश देने की कोशिश की गई है कि दुनिया अलग-अलग किस्म के लोगों से बनी है और उसकी झलक तकनीक में भी दिखाई देनी चाहिए.

हालांकि ये नए इमोजी देखने के लिए आपको एक चुनिंदा इमोजी को कुछ देर के लिए प्रेस करना होगा जिसके बाद पांच और रंगों के इमोजी आपको दिखाई देंगें.

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जैसे हैट पहने हुए आदमी के इमोजी के अब पांच त्वचा के रंगों वाले वर्ज़न दिखाई देंगे हालांकि हैट का रंग समान ही है.

क्या आपको पसंद आए नए इमोजी?

इसके अलावा निन्जा पोज़ बनाती हुई महिला की भी पांच नस्लों वाले इमोजी दिखाई देंगे. साथ ही नाखून-पॉलिश दर्शाती हुईं उंगलियों के भी विभिन्न रंग वाले इमोजी अब ऐपल में उपलब्ध हैं.

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और तो और फ़ैमिली दर्शाती हुई इमोजी में समलैंगिक जोड़े भी दिखाए गए हैं.

कुछ लोगों का कहना है कि ये ऐपल की ख़ुद को एक लोकतांत्रिक तकनीक दर्शाने की कोशिश है, जिसमें दुनिया के सभी तरह के लोगों को एक समान जगह दी गई है.

लेकिन इसका दूसरा पहलू ये भी है इससे ऐपल के उपभोक्ताओं के बीच रंग-भेद को लेकर एक नई बहस भी छिड़ सकती है.

विभिन्न रंगों के इमोजीज़ के अलावा ऐपल इमोजी में चीन, रूस, अमरीका और यूरोपीय राष्टध्वजों के अलावा और भी देशों के झंडे डाल दिए गए हैं.

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कुल मिला कर iOs 8.3 में 300 नए इमोजी डाले गए हैं. अब देखना ये है कि इस नए आइडिया को लोग कितना पसंद करते हैं.

जहां तक सोशल मीडिया की बात है तो इस अपडेट को लेकर प्रतिक्रिया मिली-जुली है. जहां कुछ लोग इसे हाई-फ़ाइव दे रहे हैं वहीं कुछ का कहना है कि उन्हें इसे डाउलनोड कर पछताना पड़ रहा है.

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@kimpoyfeliciano नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा कि 'ये हर नस्ल को बराबर तवज्जो देने की कोशिश है जो कि अच्छी बात है.'

उधर @TashaaLK1994 का कहना था कि मार्टिन लूथर किंग ने इस दिन का लंबा इंतज़ार किया था जब सभी रंगों के लोगों को एक समान दर्जा दिया जाएगा.

लेकिन फिर कुछ लोगों ने ये भी कहा कि अगर इमोजी की लिस्ट में समलैंगिकों को जगह दी गई है तो ट्रांसजेंडरों को भी अलग जगह दी जानी चाहिए थी.

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