'बाल ठाकरे का वोटिंग राइट छीन लिया था'

  • 12 अप्रैल 2015
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ट्विटर पर शिव सेना नेता संजय राउत की ख़ासी चर्चा हो रही है.

इसकी वजह है शिवसेन के मुखपत्र 'सामना' में लिखा उनका लेख जिसमें कहा गया है कि मुसलमान कुछ समय के लिए वोट देने का अधिकार छोड़ दें.

कई लोग संजय राउत पर निशाना साध रहे हैं, तो कुछ उनका समर्थन भी कर रहे हैं.

ट्विटर हैंडल @abasithh से लिखा गया, "संजय राउत मुसलमानों से मताधिकार छीनने की बात कर रहे हैं, क्या कोई उन्हें बताएगा कि इस देश के मुख्य चुनाव आयुक्त एक मुसलमान हैं "

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Image caption संजय राउत के बयान पर ट्विटर पर छिड़ी बहस

किशोर मुरारी ने ‏@GramophoneGuy से लिखा है, "क्या? मुसलमानों को वोटिंग का अधिकार नहीं?? सिर्फ़ इसलिए कि वो कांग्रेस आप को वोट देते हैं?? मिस्टर राउत पहले उनके दिल जीतिए और फिर वोट पाइए."

रोहित देव श्रीनेत ने ट्विटर हैंडल ‏@deorohit से लिखा है, "संजय राउत और आज़म ख़ान जैसे लोग बुनियादी धार्मिक भावनाओं को भड़का कर गुज़ारा चला रहे हैं.. और हम उन्हें तवज्जो देते हैं."

अलीउद्दीन ने ‏@AliuddinAquil से लिखा, "संजय राउत को पता होना चाहिए. चुनाव आयोग ने 1999 में वोट देने का अधिकार किसी और से नहीं बल्कि बाल ठाकरे से छीना था."

वहीं देविका ने @Dayweekaa ने लिखा, "संजय राउत ने जो भी कहा है, बिल्कुल सही है, धर्म के आधार पर मुसलमानों का वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल हो रहा है, न कि विकास के आधार पर."

कुनाल वट्टमवार ‏@KunalWattamwar हैंडल से लिखते हैं, "संजय राउत का कहा क्यों सब को बुरा लग रहा है. उन्होंने जो कहा है वो 100 फ़ीसदी सही है."

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