तस्कर मुठभेड़: पुलिस पर हत्या का मामला

  • 15 अप्रैल 2015
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आंध्र प्रदेश के चित्तूर के जंगलों में हुई कथित मुठभेड़ मामले में पुलिस पर हत्या का केस दर्ज किया गया.

इस घटना में पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ हुई कथित मुठभेड़ में 20 लोग मारे गए थे.

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि ये मामला स्पेशल टास्क फ़ोर्स के सदस्यों के ख़िलाफ़ दर्ज किया है.

मामले की याचिका कोऱ् में दाखिल करने वाली सिविल लिबर्टीज़ कमिटी के वकील वी रघुनाथ ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा, "हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने कोर्ट में एसटीएफ़ सदस्यों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की कॉपी पेश की. इन लोगों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 364 लगाई गई है."

कोर्ट ने मारे गए छह लोगों के फिर से पोस्ट मॉर्टम की याचिका की मांग भी सुनी. ये याचिका कथित मुठभेड़ में मारे गए एक व्यक्ति की पत्नी ने दायर की थी.

रघुनाथ ने बताया, "अदालत ने सरकार को सभी पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट कल तक पूरी करने को कहा ताकि इस याचिका पर फ़ैसला लिया जा सके."

घटना

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आंध्र प्रदेश पुलिस का दावा है कि सात अप्रैल को उन्होंने मुठभेड़ में 20 चंदन तस्करों को मार दिया. हालाँकि मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने इन मौतों पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की.

जिस दिन ये कथित मुठभेड़ हुई उसी शाम से ही इस मामले पर सवाल खड़े होने लगे.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर कहा कि हो सकता है कि मारे गए लोग तस्कर हों, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ लोगों का मारा जाना कई सवाल खड़े करता है.

मानवधिकार आयोग के अध्यक्ष केजी बालाकृष्णन ने कहा था कि “पुलिस तो हमेशा अपने कामों को सही ठहराएगी. हम मामले की जांच करेंगे.“

चित्तूर के ज़िलाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने कहा है कि जांच में ये देखा जाएगा कि पुलिस ने किन हालात में फायरिंग की और उस वक़्त किस तरह के हालात थे. इस अभियान में छह पुलसिकर्मियों को भी चोटें आईं थीं.

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