गिलानी और मसर्रत आलम नज़रबंद

  • 16 अप्रैल 2015
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कश्मीर घाटी में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और अलगाववादी मसर्रत आलम को नज़रबंद कर दिया गया है.

पुलिस ने अलगाववादियों को घाटी के क़स्बे त्राल में रैली करने से रोकने के लिए ये क़दम उठाया है.

अलगाववादियों ने त्राल में सेना की कार्रवाई में मारे गए एक युवक के परिजनों से मिलने और वहां रैली करने का कार्यक्रम बनाया था.

सेना ने मारे गए युवक को पहले चरमपंथी बताया था लेकिन बाद में पता चला कि वो आम नागरिक है.

'ऐसे नारे बर्दाश्त नहीं'

दूसरी तरफ़ गिलानी और मसर्रत बुधवार को हुई एक रैली के सिलसिले में भी सुर्खियों में बने हुए जिसमें पाकिस्तानी झंडे लहराए गए और पाकिस्तान समर्थक नारे लगाए गए.

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इसे 'राष्ट्र विरोधी गतिविधि' मानते हुए बगड़ाम के पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है.

पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा हो रही है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बारे में राज्य के मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद से फोन पर बात की है.

उन्होंने कहा कि वो भारतीय सरज़मीन पर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद जैसे नारे बर्दाश्त नहीं करेंगे'.

मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि 'अगर किसी ने कुछ ग़लत किया है तो क़ानून अपना काम करेगा'.

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