आसाराम के बेटे, नारायण साईं को ज़मानत

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गुरूवार को गुजरात उच्च न्यायालय ने नारायण साईं की अंतरिम ज़मानत को मंज़ूर कर लिया है.

आध्यात्मिक गुरू आसाराम के बेटे, नारायण साईं पर सूरत में बलात्कार का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था.

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दिसम्बर 2013 से नारायण साईं को सूरत के जेल में रख गया है.

यह मामला सूरत की दो सगी बहनों ने दर्ज कराया था. जहांगीरपुरा थाने में दर्ज कराई गई इस एफ़आईआर के मुताबिक़ आरोप है कि आसाराम ने बड़ी बहन का यौन शोषण किया था वहीं नारायण साईं ने छोटी बहन से बलात्कार किया था.

कोर्ट ने उन्हें अपनी बीमार मां से मिलने के लिए तीन हफ़्तों की ज़मानत दी है. उनकी मां को अहमदाबाद में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

ख़बरों के अनुसार नारायण का मां लक्ष्मीबेन को रीढ़ की हड्डी के तकलीफ़ से ग्रस्त हैं और उन्हें डॉक्टरों ने सर्जरी कराने की नसीहत दी है.

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आसाराम के ख़िलाफ़ हुई रेप की शिकायत में लक्ष्मीबेन को भी आरेपी बनाया गया था. इस मामले में 2013 में कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी थी.

नारायण साईं पर कोर्ट ने भारतीय पीनल कोड की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है - जिसमें रेप, अप्राकृतिक सेक्स, उत्पीड़न, मर्ज़ी के ख़िलाफ़ क़ैद करना, ग़ैरक़नूनी तरीके से सभा करना, ख़तरनाक हथियारों के साथ दंगे करवाना, डराना और आपराधिक साज़िश मुख्य हैं.

बलात्कार पीड़िता (छोटी बहन) ने नारायण साईं पर 2002 से 2005 के बीच सूरत आश्रम में रहते वक्त उनके साथ लगातार बलात्कार की शिकायत की थी.

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