लालू के लाल ने ठोंकी संघ के ख़िलाफ़ ताल

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आरएसएस के कट्टर विरोधी रहे लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी अपने पिता के बताए रास्ते पर चल चुके हैं.

क़रीब 26 साल के युवा तेज प्रताप ने ग़ैर राजनीतिक संगठन धर्मनिरपेक्ष सेवक संघ (डीएसएस) का गठन कर आरएसएस से मुक़ाबला करने का ऐलान कर दिया है.

वे डीएसएस के माध्यम से अब आरएसएस को वैचारिक और व्यवहारिक चुनौती देंगे.

आरएसएस से मुक़ाबला

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तेज प्रताप के अनुसार ''हमारे संगठन का उद्देश्य आपसी सदभाव और सर्वधर्म समभाव को क़ायम करना है. आज देश की स्थिति दयनीय है. आरएसएस हिन्दुत्व का मुद्दा उठाता है.

वे कहते हैं, "राम के नाम पर हिन्दू-मुसलमान भाइयों को लड़ाने का षड्यंत्र चला रहा है. इसी सोच को समाप्त करने के लिये डीएसएस की स्थापना इस साल 14 जनवरी को की गयी है."

उन्होंने कहा, "हमारा काम राज्य के 11 ज़िलों में शुरू हो चुका है. जबकि, तमिलनाडु, गुजरात, झारखंड, केरल में संगठन के प्रसार के लिए राज्य प्रमुख नियुक्त किए जा चुके हैं."

तेज प्रताप दावा करते हैं कि अब तक संस्था से क़रीब पाँच हज़ार लोग जुड़ चुके हैं.

इतने पुराने संगठन से जूझने के सवाल पर तेज प्रताप कहते हैं कि जब प्रसार-प्रचार से सारे धर्म एक साथ आ जाएंगे तो हम ख़ुद ही मज़बूत हो जाएंगे.

विचार की लड़ाई

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वहीं, संघ के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रामजी योगेश कहते हैं कि ''आरएसएस सर्वग्राही संगठन नहीं है. ऐसे में कट्टर संगठनों के साथ हमारी लड़ाई भाव और विचार की होगी."

ज़ाहिर है बिहार के चुनावी साल में इस संघ का गठित होना कई अनकहे संकेत देता है.

अब देखना यह होगा कि इस नए संघ का उफ़ान प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव तक ही सीमित रह पाता है या फिर यह संगठन सोशल मीडिया पर आरजेडी का यूथविंग बनकर सिमट जाता है.

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