तस्कर मुठभेड़: दोबारा करवाएं पोस्टमार्टम

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आंध्र प्रदेश की उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि लाल चंदन टास्क फोर्स के द्वारा कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए छह व्यक्तियों के शवों का दूसरी बार पोस्टमॉर्टम करवाया जाए.

ये छह लोग तिरुपति के पास जंगल में पिछले सप्ताह एक कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारे गए थे.

मुख्य न्यायाधीश कल्याण ज्योति सेनगुप्ता की अध्यक्षता वाली डिवीज़न बेंच ने कहा यही आदेश उन पांच मृतकों के लिए भी लागू होगा जिन्होंने शुक्रवार को कोर्ट के आगे याचिका पेश की थी.

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यह आदेश मृतक शशी कुमार की पत्नी मुनिअम्मल की याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया है जिन्होंने गुरुवार कोर्ट में गुहार लगाई थी.

मुनिअम्मल और अन्य आवेदकों का कहना है कि यह छह लोग मज़दूर थे और इन्हें पुलिस द्वारा ले जाया गया था. बाद में फ़र्ज़ी मुठभेड़ में इनकी मौत हो गई.

इन लोगों के साथ कुल 20 लोगों को विशेष टास्क फ़ोर्स के द्वारा शेशाचलम जंगल के इलाके में मार दिया गया था.

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Image caption मृतकों के परिवार के सदस्य

इन छह लोगों के परिवार के सदस्य तमिलनाडू के तिरुवन्नमलाई ज़िले के कन्नामंगलम पंचायत से हैं. इन्होंने ने इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट में दूसरी पोस्टमार्टम के लिए गुहार लगाई थी.

आंध्र प्रदेश के सिविल लिबर्टीस के वकील वी रघुनाथ ने बीबीसी को बताया, "मद्रास हाई कोर्ट से याचिका वापिस लेने के बाद ही आंध्र प्रदेश कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की है. गुरुवार को शशि कुमार का पोस्टमॉर्टम करने के लिए आदेश दिए गए था. शुक्रवार को पांच अन्य याचिकाओं पर भी वही आदेश लागू किय गया है."

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कोर्ट का कहना है कि पोस्टमार्टम हैदराबाद के ओस्मानिया अस्पताल की डॉक्टरों के ख़ास दल द्वारा किया जाएगा.

इससे पहले निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल सांइस ने फ़ॉरेन्सिक ना होने के कारण पोस्टमार्टम करने में असमर्थता जताई थी.

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