आज़म ख़ान ने भाजपा नेताओं से झाडू वापस मांगी

उत्तर प्रदेश विधान सभा के पिछले सत्र के ख़त्म होने पर संसदीय कार्यमंत्री मोहम्मद आज़म खान ने प्रदेश के 403 विधायकों को एक-एक लेदर फ़ोेल्डर के साथ एक पेन और एक झाड़ू भेंट में भेजा.

इस उपहार के साथ एक खत भी था जिसमें लिखा था कि विधायकों को तय करना होगा कि देश के विकास के लिए कलम ज़रूरी है या झाड़ू. आज़म का यह तंज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान के ख़िलाफ़ था. सत्र 26 मार्च को ख़त्म हुआ था.

अन्य विधायकों ने तो नहीं लेकिन भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी, जो विधान सभा के सदस्य हैं, ने इस तोहफे को आज़म को वापस कर दिया.

तोहफ़ा वापस मांगा

आज़म के अनुसार उपहार वापस करना तहज़ीब के खिलाफ है.

उनके इस रवैये के बाद आज़म ने 16 अप्रैल को खत लिख कर बाजपेयी और भाजपा के दूसरे विधायकों से उनको पहले दिए गए उपहारों को भी वापस करने की बात कह दी.

इस पर बाजपेयी ने कहा, "मैं 27 मार्च से देश और प्रदेश के दौरे पर था और जब 10 अप्रैल को वापस लौटा तो उन्हें पता चला कि आज़म खान के यहाँ से कोई बैग आया है. मैंने उसे खोला भी नहीं और एक पत्र के साथ उसी दिन यह लिख कर वापस भेज दिया कि भेंट देने के लिए कोई औचित्य या अवसर होता तो इस तोहफे को लिया जा सकता था."

बाजपेयी ने यह भी कहा कि "आज़म खान ने इसके अलावा मुझे और कौई उपहार नहीं भेजा तो मैं क्या वापस करूं."

बाजपेयी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनकी पार्टी के अन्य विधायक इस तोहफे को वापस करेंगे या नहीं.

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