सीताराम येचुरी बने सीपीएम के महासचिव

  • 19 अप्रैल 2015
सीताराम येचुरी

सीताराम येचुरी निर्विरोध मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नए महासचिव चुने गए हैं.

पार्टी की विशाखापत्तनम में चल रही कांग्रेस के अंतिम दिन रविवार को पार्टी महासचिव प्रकाश करात ने उनका नाम प्रपोज़ किया और पार्टी की सेंट्रल कमेटी ने उन्हें तीन साल के लिए पार्टी महासचिव चुना.

आंध्र प्रदेश के 63 वर्षीय येचुरी उदारवादी सोच वाले नेता माने जाते हैं और अर्थशास्त्र तथा गठजोड़ की राजनीति के माहिर हैं.

येचुरी इससे पहले पार्टी के अंदरूनी फ़ोरम पर पार्टी की कुछ नीतियों पर सवाल भी उठाते रहे हैं.

येचुरी ने कहा, "हमें पार्टी संगठन को मज़बूत करना होगा ताकि देश और पार्टी के सामने की चुनौतियों का सामना कर सकें. ऐसा इसलिए ज़रूरी है क्योंकि पूँजीवाद में संकट गहरा गया है और समाजवाद के संघर्ष को मज़बूत किए बिना लोगों के लिए कोई निजात नहीं है."

उन्होंने कहा, "पिछले एक साल में मोदी सरकार के आने के बाद भारतीय इतिहास को दोबारा लिखने के प्रयास हो रहे हैं, सांप्रदायिकता फैल रही है और लोकतांत्रिक परंपराएँ कमज़ोर हो रही हैं. इसी का सामना करना हमारे लिए चुनौती है."

खिसकता जनाधार

पिछले लोकसभा चुनावों में लगातार सीटें घटने और केरल एवं पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद पार्टी इन राज्यों में अभी भी सक्रिय है.

अभी सिर्फ त्रिपुरा ही एकमात्र राज्य है जहां पार्टी की सरकार है. पश्चिम बंगाल में करीब 35 साल पार्टी ने शासन किया जबकि केरल में भी उसकी सरकारें रही हैं.

पार्टी को 2004 के चुनाव में सबसे ज़्यादा 5.66 प्रतिशत वोट मिले थे तब पार्टी ने लोकसभा की सबसे ज़्यादा 43 सीटें जीती थीं.

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