दस बातों में राहुल का पूरा भाषण

  • 19 अप्रैल 2015
किसान-मज़दूर रैली

लंबी छुट्टियों के बाद लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी आज आक्रामक अंदाज़ में दिखे. रामलीला मैदान में पाने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार को निशाने पर लिया.

राहुल के भाषण की दस मुख्य बातेंः

1. सरकार उद्योगपतियों की

आज देश के लोगों को लग रहा है कि ये सरकार ग़रीबों की नहीं बल्कि उद्योगपतियों की है. किसान सोता है तो उसे मालूम नहीं होता कि कल उसके साथ क्या होने वाला है, कब उसकी ज़मीन छिनने वाली है.

2. जहर की बाेतल

मैं विदर्भ में सूखे के बाद के हालात का जायज़ा लेने गया था. वहाँ मैंने ज़हर की वो बोतल देखी जिसे पीकर किसान ने आत्महत्या की थी. उसकी बीवी वहां थी, बच्चे वहां थे, लेकिन उनका भविष्य वहां नहीं था.

3. समर्थन मूल्य

हमने गेहूं का समर्थन मूल्य पाँच सौ से बढ़ाकर चौदह सौ रुपए किया था. गन्ने का समर्थन मूल्य भी बढ़ाया था. किसानों का 70 हज़ार करोड़ रुपए कर्ज़ माफ़ किया और सस्ती दरों पर अधिक कर्ज़ दिलाया. मज़दूरों के लिए मनरेगा लेकर आए.

4. कचरा साफ़

मोदी ने कहा कि मैं कचरा साफ़ कर रहा हूँ. उन्हें हिंदुस्तान के लोगों की शक्ति पसंद नहीं आती. किसान-मज़दूर जो ख़ून पसीना बहाते हैं वो उन्हें दिखाई नहीं देता. जो शब्द उन्होंने इस्तेमाल किए वो ना मोदी जी को शोभा देते हैं और ना ही प्रधानमंत्री के पद को.

5. भूमि अधिग्रहण बिल

हम दो साल की मेहनत के बाद भूमि अधिग्रहण बिल पास किया था. बीजेपी ने भी संसद में मेज़ें थपथपाई थीं. तो अब बीजेपी क्यों बदल गई है. क्यों ऑर्डिनेंस से बिल ला रही है, लोकसभा-राज्यसभा से नहीं. अब उन्होंने बिल से कंसेट क्लॉज़ हटा दिया है, पाँच साल के भीतर ज़मीन इस्तेमाल करने की शर्त भी हटा दी है. दरअसल वे आपकी ज़मीन ख़रीदकर आपको बीच में छोड़ देना चाहते हैं.

6. खाद सब्सिडी

बीजेपी सरकार में एमएसपी वहीं पड़ी है. खाद सब्सिडी कम हुई. हरियाणा में किसानों पर लाठीचार्ज हुआ. कृषि बजट कम हुआ. किसानों की फसलें मंडियों में पड़ी है. बहाने बना रहे हैं लेकिन फ़सले नहीं ख़रीद कर रहे हैं. वो एक ओर से किसान को कमज़ोर कर रहे हैं और दूसरी ओर ज़मीन ख़रीदने की कोशिश कर रहे हैं.

7. ज़मीन बचानी है

आपको एक बात समझनी है, जिसे आप ज़मीन मानते हैं वो आपकी माँ है. आपकी ज़मीन का दाम अगले पाँच-दस सालों में सोने के दाम से ज़्यादा होगा. आपको अपनी ज़मीन बचानी है ताक़ि ये आपके काम आए.

8. कर्ज़ चुकाना है

मोदी जी उद्योगपतियों से हज़ारों करोड़ कर्ज़ लेकर चुनाव जीते हैं. आपकी ज़मीन उद्योगपतियों को देकर उन्हें ये कर्ज़ चुकाना है. वो चाहते हैं कि किसान को सही दाम ना मिले, उसकी फ़सल को पानी ना मिले, खाद ना मिले. किसान अपने बल पर खड़ा ना हो सके, किसान टूट जाए और फिर हम उसकी ज़मीन ख़रीद कर उद्योगपतियों को दे दें.

9. किसान देश की नींव

मोदी जी का मॉडल है नींव को कमज़ोर करो, सीढ़ी से इमारत पर चढ़ो, इमारत को चमकाओ उस पर रंग लगाओ और पूरी दुनिया को दिखाओ कि देखो भैय्या मैंने इमारत चमका दी है. भले ही नींव कमज़ोर हो जाए. किसान इस देश की नींव है.

10. विकास की ज़रूरत

ये देश किसानों और मज़दूरों का देश है. ज़रूर प्रगति की ज़रूरत है, विकास की ज़रूरत है, मेक इन इंडिया की ज़रूरत है. लेकिन किसानों की भी ज़रूरत है, किसानों के बच्चों की पढ़ाई की भी ज़रूरत है. उनके भविष्य की भी ज़रूरत है. हम ऐसा हिंदुस्तान नहीं चाहते हैं जहाँ चुनिंदा लोग आगे बढ़ जाए और बाक़ी सब पीछे रह जाए. हम चाहते हैं सब आगे बढ़ें.

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