इनके दिल में कुछ, ज़बान पर कुछ: सोनिया

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार की कथनी और करनी में फ़र्क है और सरकार का भूमि अधिनियम किसानों के ख़िलाफ़ षड्यंत्र है.

दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान खेत मजदूर रैली को संबाेधित करते हुए सोनिया ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया और किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि 2013 में भूमि अधिग्रहण क़ानून भाजपा समेत सबकी सहमति से बनाया गया था और उसमें किसानों के हितों का ध्यान रखा गया था.

सोनिया का आरोप था, "मोदी सरकार यूपीए के भूमि बिल में संशोधन करके किसानों की ज़मीन से निजी कंपनियों को फ़ायदा पहुँचाना चाहती है."

किसान के हालात

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 11 महीने में किसानों की हालत बदतर हुई है. मोदी सरकार ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से गेहूं खरीदने के लिए बड़े पैमाने पर समझौते किए हैं.

उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. यूरिया की बड़े पैमाने में कमी है जिससे कालाबाज़ारी बढ़ी है. खाद के अनुदान में कमी से किसान क़र्ज़ के जाल में फंस गया है.

सोनिया ने कहा, "जो लोग चुनाव प्रचार में दावा करते थे कि अब देश में किसान आत्महत्या नहीं करेंगे, वो अब कहां है. इनकी कथनी और करनी में अंतर है. इनके दिल में कुछ और है, जबान पर कुछ और."

अन्याय

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों के लिए जो योजनाएं बनाई थी मोदी सरकार ने उनके बजट में कटौती की है. इसका सीधा असर गरीबों पर पड़ेगा.

उन्होंने कहा, "ये देश की गरीब जनता के साथ अन्याय है. मोदी सरकार की नीति और नीयत है. यह सरकार किसानों, मजदूरों और गरीबों के ख़िलाफ़ काम कर रही है लेकिन कांग्रेस उनके हितों की रक्षा के लिए डटकर संघर्ष करती रहेगी."

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आजादी की विरासत से मिले महान मूल्यों को तहस नहस करना चाहती है.

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