उत्तर प्रदेश में छह महीने छुट्टी!

akhilesh इमेज कॉपीरइट AP

उत्तर प्रदेश में 'सरकारी छुट्टियों' के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.

ये याचिका आईजी सिविल डिफेंस के पद पर तैनात अमिताभ ठाकुर ने दाख़िल की है.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, ''छुट्टियों को लेकर एक क़ानून है जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के पास अलग-अलग छुट्टियां घोषित करने का अधिकार है."

अमिताभ बताते हैं, "जहां केंद्र में 14 छुट्टियां हैं वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने क़रीब 37 छुट्टियां घोषित की हैं.''

अधिकतर छुट्टियां महापुरुषों के नाम पर घोषित की गई हैं. ऐसे में इन्हें कुछ साल बाद बदल दिया जाता है.

क्या है मुश्किल

अमिताभ ठाकुर कहते हैं, "इतनी बड़ी संख्या में छुट्टियां काम प्रभावित करती हैं. साथ ही उन्हें अचानक घोषित कर दिया जाता है, जिसकी वजह से भी मुश्किलें बढ़ जाती हैं. इसी के चलते हमने याचिका दाख़िल की है.''

Image caption बसपा के पूर्व नेता कांशीराम

उत्तर प्रदेश सरकार ने कांशीराम के जन्म दिवस और परिनिर्वाण दिवस की छुट्टियों को पहले ही ख़त्म कर दिया था. लेकिन कई अन्य महापुरुषों के नाम पर नई छुट्टियां शुरू भी की गई हैं.

भीमराव आंबेडकर के जन्मदिवस पर भी छुट्टी शुरू की गई है.

राज्य सरकार के मुख्यालय की सेवाओं में काम करने वालों को हफ़्ते में दो दिन छुट्टियां मिलती हैं. ऐसे में साल में 104 दिन के साप्ताहिक अवकाश मिल जाते हैं. सालाना छुट्टियां और बीमारी के कारण मिलने वाली छुट्टियां इससे अलग हैं.

वहीं जनपदीय सेवाओं में काम करने वालों को सप्ताह में एक दिन की छुट्टी मिलती है.

आलम यह है कि मुख्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी साल में लगभग आधे दिनों छुट्टियों पर ही रहते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार