बिहार के कोसी में भारी तूफ़ान, 32 की मौत

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बिहार के कोसी क्षेत्र में आए तूफ़ान में मौतों की संख्या कम से कम 32 हो गई है और कई घायल हैं.

बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है.

उनके मुताबिक़ मरने वालों में 25 पूर्णिया ज़िले से, छह मधेपुरा और एक व्यक्त मधुबनी से हैं.

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि कि हरेक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए की अनुदान राशि देने का निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिया गया है.

मंगलवार रात चक्रवाती तूफान के साथ हुई बारिश से संबंधित जिलों में सौ के करीब लोगों के घायल होने की भी सूचना है.

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से कहा गया है उसे इस तूफान की कोई पूर्व सूचना प्राप्त नहीं हुई थी. साथ ही विभाग की ओर से फसल और घरों को हुई क्षति के सर्वेक्षण के लिए टीम गठित कर दी है.

आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के मुताबिक़ जो ज़िले प्रभावित हैं, वे हैं- मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी.

एक ही रात में बेघर

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दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वो ख़ुद ही हालात का जायज़ा लेेंगे और सरकार इस मामले में हर ज़रूरी क़दम उठाएंगे.

पूर्णिया शहर से शहज़ाद अरशी ने बीबीसी से फ़ोन पर कहा कि तूफ़ान कल रात क़रीब दस बजे आया और उसका प्रभाव पूरे शहर और पास के इलाक़ों में महसूस किया जा सकता है.

अरशी का कहना था कि बिजली के ट्रांसफार्मर के खंबे गिर गए हैं जिसकी वजह से बिजली नहीं है.

सड़कों पर पेड़ों के गिर जाने से यातायात में बाधा आ रही है.

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पूर्णिया से ही आलोक आनंद ने सोशल मीडिया पर लिखा है- एक रात में ही बेघर हो गए कई, जो कल तक घरवाले थे.

उन्होंने कहा है कि शहर में विनाशकारी आंधी-तूफ़ान से घर तबाह हो नेस्तानाबूद हो गए हैं.

"तबाही का आलम यह है कि शहर में जगह-जगह जाम लगे हैं, आस-पास के गांव से शहर को जोड़ने वाली तमाम सड़कों पर पेड़ और खंभे गिरे पड़े हैं. बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप है.’’

राज्य का कोसी क्षेत्र बाढ़ से जूझता रहा है और कुछ साल पहले वहाँ भीषण बाढ़ आई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी.

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