ट्राई ने किए 10 लाख ईमेल सार्वजनिक

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भारतीय टेलीकॉम नियामक संस्था ट्राई ने नेट न्यूट्रैलिटी के पक्ष में संस्था को ईमेल भेजने वालों की ईमेल आईडी सार्वजनिक कर दी है.

सोशल मीडिया पर संस्था के इस क़दम को आम लोगों की निजता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी आलोचना हो रही है.

27 मार्च को ट्राई ने ओवर द टॉप (ओटीटी) सर्विसेज़ से जुड़े नियम बनाने के लिए कंसल्टेशन पेपर के ज़रिए आम लोगों से राय मांगी थी.

इसके बाद क़रीब 10 लाख लोगों ने ट्राई को नेट न्यूट्रैलिटी पर अपने विचार भेजे थे. 24 अप्रैल को मेल भेजकर राय देने का आखिरी दिन था.

ट्राई ने जो सूची जारी की है उसमें 27 मार्च से 24 अप्रैल के बीच भेजे गए ईमेल्स का ब्योरा है. इस सूची में 14 और 15 अप्रैल को छोड़ अन्य सभी तारीखों को भेजे गए ईमेल सार्वजनिक कर दिए गए हैं.

ईमेल के तीन हिस्से

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ट्राई ने बड़ी संख्या में ईमेल मिलने के कारण उन्हें तीन हिस्सों सर्विस प्रोवाइडर, सर्विस प्रोवाइडर एसोसिएशन और अन्य पक्ष में बांटा है.

सोशल मीडिया में आने वाली प्रतिक्रियाओं में कहा जा रहा है कि ट्राई के इस क़दम से आम लोगों की निजता का उल्लंघन हुआ है और इससे इन लोगों को मिलने वाले स्पैम मेलों की संख्या बढ़ जाएगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सोशल मीडिया पर ट्राई को लेकर कमेंट की भारी संख्या के वजह से संस्था की वेबसाइट ठप हो गई.

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