किसानों को 'कायर' बता कर घिरे धनखड़

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हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ किसानों को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर क़ायम हैं.

धनखड़ ने आत्महत्या करने वाले किसानों को 'कायर' बताया था.

चौतरफ़ा आलोचना के बावजूद उन्होंने कहा कि 'हरियाणा वीरों की भूमि है और आत्महत्या करने वालों का सम्मान नहीं करती है.'

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में धनखड़ के इस बयान को उठाया जबकि अन्य विपक्षी पार्टी भी इसकी कड़ी आलोचना कर रही हैं.

हाल में, बेमौसम बरसात से फसलों के हुए नुकसान के बाद किसानों की आत्महत्या के मामलों में इजाफ़ा हुआ है.

'नहीं दिखते आंसू'

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ओपी धनखड़ ने कहा कि 'हरियाणा के लोग आत्महत्या जैसा रास्ता नहीं अपनाते.'

उन्होंने कहा कि वो हरियाणा में आत्महत्या का वातावरण नहीं चाहते.

उधर, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में किसानों की समस्या उठाते समय धनखड़ के बयान का जिक्र किया.

राहुल ने कहा, "किसान मंडियों में रो रहे हैं. उनके दिल में दर्द है और हरियाणा के कृषि मंत्री कहते हैं जो किसान आत्महत्या करता है वो कायर होता है. "

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चौतरफ़ा आलोचना

धनखड़ के इस बयान पर जनता दल यूनाइटेड ने भी आपत्ति जताई.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा, "धनखड़ का बयान किसान विरोधी है. ये भारतीय जनता पार्टी की मनोदशा को उजागर करता है "

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वहीं बीजू जनता दल के जय पांडा ने आत्महत्या को अपराध की श्रेणी में रखे जाने को पीड़ितों के प्रति अमानवीय रवैया बताया.

उन्होंने कहा, "हमें ये मानना होगा कि आत्महत्या की वजह निराशा होती है. इसे अपराध की श्रेणी से बाहर करना होगा. ये ब्रिटिश सरकार के वक्त से चला आ रहा कानून है. आत्महत्या को अपराध की तरह देखना पीड़ित परिवार के घावों पर नमक छिड़कने के समान है. "

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