कॉल ड्रॉप की समस्या से खफ़ा हैं उपभोक्ता

  • 1 मई 2015
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कॉल ड्रॉप के मुद्दे पर सोशल मीडिया पर लोगों ने ज़बरदस्त प्रतिक्रियाएं दी हैं.

बीबीसी हिंदी फ़ेसबुक और बीबीसी हिंदी ट्विटर पर सैकड़ों लोगों ने अपनी बातें रखी हैं. यह प्रतिक्रिया कहीं बेबसी की है, तो कहीं झल्लाहट की. कहीं गुस्से की तो कहीं नियति समझ इसे मान लेने की. पर एक बात साफ़ है कि लोग इससे आज़िज़ आ चुके हैं और हर हाल में इसका कोई न कोई निपटारा चाहते हैं.

धीमा नेटवर्क, महंगा नेटपैक

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लोगों ने सरकारी और ग़ैर सरकारी, हर तरह की, कंपनी की शिकायतें की हैं. लगभग हर टेलीकॉम कंपनी के बारे में यही कहा गया है कि उनकी सेवा निहायत ही बुरी है और उनके यहां कॉल ड्रॉप बहुत ज़्यादा होता है.

फ़ेसबुक पर ऋषभ ने एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी का नाम लेते हुए कहा कि वह थ्री-जी के हिसाब से पैसे लेती है, टू-जी के हिसाब से रफ़्तार देती है.

रामप्रीत कांबोज कहते हैं कि एक तो धीमी गति का नेटवर्क और उस पर महंगे नेट पैक, क्या किया जाए.

'चिढ़ होती है'

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चिंटू नेगी का कहना है कि कॉल ड्रॉप की वजह से उनका दिमाग ख़राब हो जाता है तो गुरप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें तो चिढ़ हो जाती है.

विवेक का मानना है कि भारत में यह समस्या ज़्यादा है. तहसीन रहमान ने कहा है कि चीन के सस्ते हैंडसेट की वजह से ऐसा होता है.

लगभग यही हाल ट्विटर पर भी है. यक्षदेव शर्मा (@SharmaYagya) की शिकायत है कि एक बार ख़राब हो जान के बाद कनेक्शन को ठीक होने में घंटों लगते हैं.

बैलगाड़ी की रफ़्तार?

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महेश कुमार (@mkyadav2989) अपना अनुभव साझा करते हुए कहते हैं कि ऑनलाइन पेमेंट के समय 'हैंग' होने के कारण वे नौकरी का आवेदन नहीं भर सके.

गुरप्रीत चहल (@CHAHAL54321) का मानना है कि पंजाब के ग्रामीण इलाक़ों में यह कुछ ज़्यादा ही होता है.

अभिषेक यदुवंशी चुटकी लेते हुए कहते हैं कि इसकी रफ़्तार तो बैलगाड़ी की तरह है.

शैलेंद्र द्विवेदी का कहना है कि कॉल ड्रॉप की वजह से बहुत परेशानी होती है. डाउनलोड में घंटों लगते हैं और कभी कभी तो होता ही नहीं है.

क्या है कॉल ड्रॉप?

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आप किसी से फ़ोन पर बात करते हैं और बात पूरी होने के पहले ही और बग़ैर किसी के फ़ोन रखे लाइन कट जाती है. इसे ही आम आदमी की भाषा में कॉल ड्रॉप कहते हैं.

कॉल ड्रॉप की तकनीकी परिभाषा भी है और कंपनियों के पास इसके तकनीकी जवाब भी. पर आम तौर पर कॉल ड्रॉप यही होता है कि आपके फ़ोन रखने या आप जिससे बात कर रहे हैं उसके फ़ोन रखने के पहले ही कनेक्शन कट जाता है.

ऐसा क्यों होता है?

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मोबाइल नेटवर्क पर कॉल ड्रॉप की सबसे बड़ी वजह है रेडियो कवरेज की कमी. यह कमी डाउनलिंक के स्तर पर हो सकती है और अपलिंक के स्तर पर भी. इसके अलावा रेडियो तंरगों के प्रवाह में रुकावट की वज़ह से भी हो कॉल ड्रॉप सकता है.

यह किसी तकनीकी कारण से हो सकता है.

ट्रांसमिशन की गड़बड़ी

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जीएसएम सेट में या मोबाइल स्टेशन में गड़बड़ी हो सकती है. इस स्थिति में सेट बदलना पड़ता है.

ख़राब कनेक्शन, सेट में पानी घुस आने की वजह से भी कॉल ड्रॉप हो सकता है.

कई बार ट्रांसमिशन की गड़बड़ी होती है.

बीबीसी ने इस मुद्दे पर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (ट्राइ) के अध्यक्ष राहुल खुल्लर से संपर्क करने की काफ़ी कोशिश की, पर वे उपलब्ध नहीं हुए. इसके अलावा ट्राई के जनसंपर्क विभाग के कई लोगों से बात करने की कोशिश की गई, पर किसी ने बात नहीं की.

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