'नेपाल में भारतीय मीडिया का काम सराहनीय'

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ब्रॉडकास्टर्स एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) ने कहा है कि नेपाल में भूकंप की कवरेज के दौरान भारतीय मीडिया से कुछ ग़लतियां हुई होंगी, लेकिन कुल मिलाकर उसने सराहनीय काम किया है.

नेपाल में भूकंप की कवरेज को लेकर भारतीय मीडिया की ख़ासी आलोचना हो रही है और कई लोगों ने #GohomeIndianMedia के ज़रिए अपना विरोध जताया.

लेकिन बीईए के महासचिव एनके सिंह ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "अगर ये कवरेज हो रहा है तो इसकी एक वजह है, ताकि हम लोगों को जागरुक कर सकें और वहां के सिस्टम पर एक दबाव बना सकें."

वो कहते हैं, "इतने बड़े ऑपरेशन में एक दो ग़लतियां हो जाती हैं क्योंकि मानक तय नहीं होते हैं. हो सकता है कि कुछ उत्साही लोगों ने कुछ ग़लतियां कर दी हों, लेकिन भारतीय मीडिया ने वहां सराहनीय काम किया है."

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उन्होंने कहा कि भाविष्य में इस तरह की कवरेज के मानक तय करने पर काम किया जाएगा.

मीडिया की वजह से पड़ा दबाव

एनके सिंह ने कहा कि ये भारतीय मीडिया की कवरेज का ही असर है कि राहत और बचाव कामों के लिए जनमत का इतना दबाव पड़ा है.

लेकिन काठमांडू में वरिष्ठ पत्रकार युवराज घिमिरे का कहना है कि भारतीय मीडिया अपनी कवरेज के दौरान संतुलन कामय करने में नाकाम रहा.

वो कहते हैं, "इस बार भारतीय मीडिया ने अपना संतुलन खो दिया. उन्हें अपनी सरकार के काम को कितना बढ़ावा देना चाहिए और कितनी आज़ादी लेनी चाहिए, इसमें भारतीय मीडिया संतुलन नहीं ला पाया."

नेपाल में कई जानकारों का मानना है कि भारतीय सरकार के ज़बरदस्त राहत कार्यों पर भारतीय मीडिया की असंवेदनशीलता ने पानी फेर दिया.

लेकिन एनके सिंह कहते हैं कि अगर मीडिया काम करेगा तो ग़लतियां भी होंगी.

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