भूकंप के बाद वायरल हुई तस्वीर का सच

  • 5 मई 2015
इमेज कॉपीरइट BBC World Service

नेपाल में आए भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों एक तस्वीर बहुत वायरल हुई है. इस तस्वीर में एक बच्ची ने अपने भाई को गले लगाया हुआ है.

तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है कि बच्ची बहुत डरी हुई है और उसका भाई उसे दिलासा दे रहा है.

फोटो को अधिकतर 'दो साल की बहन को दिलासा देता उसका चार साल का भाई' कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है.

फोटो के शेयर होने के बाद भूकंप पीड़ितों में दोनों भाई बहनों को खोजने की कोशिश की गई और उनकी मदद के लिए चंदा तक मांगा गया.

सच्चाई है जुदा

लेकिन इस तस्वीर का सच कुछ और ही है. इसे करीब एक दशक पहले उत्तरी विएतनाम में खींचा गया था.

इस तस्वीर को विएतनाम के फोटोग्राफर ना सॉन गुएन ने खींचा था. उन्होंने बीबीसी को बताया, ''मैंने यह तस्वीर 2007 में कैन ताई गांव में खींची थी. मैं इस गांव से गुज़र रहा था तभी मेरी नज़र इन दोनों बच्चों पर पड़ी.''

वो आगे कहते हैं, ''इन दोनों के मां बाप खेती करने के लिए गए हुए थे और ये दोनों घर के बाहर खेल रहे थे. लेकिन वहां किसी अनजान व्यक्ति के आने से बच्ची रोने लगी. तभी उसके भाई ने उसे चुप कराने के लिए उसे गले लगा लिया.''

ना सॉन ने यह तस्वीर अपने ब्लॉग पर डाली थी.

लेकिन तीन साल बाद उन्हें पता चला कि तस्वीर को 'छोड़ दिए गए अनाथ' कैप्शन के साथ फेसबुक पर शेयर किया जा रहा था.

वो कहते हैं, ''कुछ लोगों ने तो यह तस्वीर 'बर्मा के अनाथ बच्चे' और 'सीरिया गृहयुद्ध के पीड़ित' नाम से भी शेयर किया.''

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार