सलमान की नींद उड़ाने वाली 'तारीख़ें'

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बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को अदालत से फिलहाल मोहलत नहीं मिलने वाली.

शुक्रवार को हिट एंड रन मामले में ज़मानत के लिए उन्हें हाई कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार तो है ही.

इस मामले में उन्हें पाँच साल की सज़ा सुनाई गई है.

साथ ही सलमान की निगाहें अब 14 और 28 मई पर ज़रूर होंगी.

14 और 28 मई को उनके खिलाफ चल रहे दूसरे मुक़दमों की सुनवाई होनी है. ये दोनों मुक़दमे राजस्थान में चल रहे हैं.

आइए जानते हैं उन तारीखों के बारे में जो उनके लिए मुश्किल पैदा करने वाले साबित हो सकते हैं.

14 मई, आर्म्स एक्ट मुक़दमा

सलमान खान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत दायर किए गए मुक़दमे की सुनवाई की अगली तारीख 14 मई है.

आरोप है कि सलमान ने साल 1998 में जोधपुर के नजदीक दो चिंकारों के अवैध शिकार के समय जिस बंदूक का इस्तेमाल किया था उसकी लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी.

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सलमान का तर्क ये है कि उन्होंने मुंबई में लाइसेंस के नवीकरण के लिए आवेदन कर रखा था.

इस मुक़दमे में सरकारी वकील ने चार नए गवाहों को बुलाया है.

अगर इस मुक़दमे में सलमान दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 7 साल की सजा हो सकती है.

28 मई, अवैध शिकार मामला

जोधपुर में 'हम साथ-साथ हैं' फिल्म की शूटिंग के दौरान काले हिरन के अवैध शिकार के तीन मामलों में से दो में सलमान को सजा सुनाई जा चुकी है.

तीसरे मामले की अगली तारिख 28 मई है. इसके लिए उन्हें जोधपुर जाना पड़ सकता है.

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इस मुक़दमे में उनके खिलाफ दुर्लभ प्रजाति के काले हिरन को मारने का आरोप है.

मुक़दमे में बॉलीवुड अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम और अभिनेता सतीश शाह सलमान के सह-अभियुक्त हैं.

मामले में दोषी पाए जाने पर अभियुक्तों को 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

दो मुक़दमों में सजा पर अपील

सलमान खान को राजस्थान में काले हिरन को मारने के दो अलग मुक़दमों में सजा सुनाई जा चुकी है. पहले मुक़दमे में एक साल और दूसरे में पांच साल की सजा सुनाई गयी थी.

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सलमान खान ने जोधपुर की अदालत के इन दोनों फैसलों के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में अपील कर रखी है. वो इन दोनों मुक़दमों में ज़मानत पर रिहा हैं.

'हिट एंड रन' मामले में सलमान खान को दो दिनों की अंतरिम जमानत भले मिल गई हो लेकिन ये बस फौरी राहत है.

कहना मुश्किल है कि पांच साल की सजा में से वो कितना समय जेल में गुजारेंगे लेकिन ये तो तय है कि अदालत का चक्कर काटने से उन्हें अगले कुछ सालों तक मोहलत नहीं मिलेगी.

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