साई के हॉस्टल में महिला एथलीट की ख़ुदकुशी

  • 7 मई 2015
इमेज कॉपीरइट SAI

भारतीय खेल प्राधिकरण या साई की वॉटर स्पोर्ट्स इकाई में प्रशिक्षण ले रही एक 15 साल की एथलीट की कथित रूप से ज़हरीला फल खाने से मौत हो गई है और तीन अन्य अस्पताल में भर्ती है.

आरोप है कि अपने सीनियर्स के कथित उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने ये क़दम उठाया.

युवा और खेल मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि अगर खेल प्राधिकरण का कोई भी व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़े से कड़ा कदम उठाया जाएगा.

आत्महत्या का नोट मिला

इमेज कॉपीरइट
Image caption खिलाड़ी रोइंग का प्रशिक्षण ले रही थीं.

खेल राज्य मंत्री ने अपने बयान में कहा, "हम इस परिवार की हर संभव सहायता करेंगे. . मैंने भारत खेल प्राधिकरण( साई) के डायरेक्टर जनरल को निर्देश दिए हैं कि वो तुरंत स्थल का दौरा करें और तथ्यों की जानकारी मुझे दें. मैंने उन्हें खासतौर पर निर्देश दिए हैं कि जिन लड़कियों का इलाज चल रहा है उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाएं.

साई के महानिेदेशक आई श्रीनिवास का कहना था,'' साई की केरल इकाई में चार छात्राओं ने आत्महत्या का प्रयास किया है. इन छात्राओं ने ज़हर खाया है. इन चारों ने एक स्थानीय फल खाया जो ज़हरीला होता है और इस फल के ज़हर को मारने के लिए दवा नहीं है.''

आई श्रीनिवास ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि इन लड़कियों से आत्महत्या का नोट मिला है और एक का बयान सब डिविज़नल मैजिस्ट्रेट ने दर्ज कर लिया है.

जांच के आदेश

साई के क्षेत्रीय निदेशक जी किशोर का कहना है, ''इस मामलो की जांच के आदेश दे दिए गए इसलिए इस घटना के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती लेकिन मैं इतना जरूर बता सकता हूं कि इन चार में से एक की मौत हो गई है, एक की हालत गंभीर है और दो खतरें से बाहर हैं.''

इस घटना के बाद चारों एथलीट को अल्पुल्ला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया.

केरल के खेल मंत्री थिरुवंचुर राधाकृष्णन अस्पताल पहुंच चुके है और अधिकारियों और रिश्तेदारों से बातचीत कर रहे हैं.

स्थानीय मीडिया में इन एथलीट के परिवारवालो के हवाले से ख़बर आ रही है जिसमें उन्होंने इस घटना और वरिष्ठ एथलीटों के ख़िलाफ़ कथित उत्पीड़न की शिकायत की जांच की मांग की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं. )