'सत्यमेव जयते में आमिर सलमान मामले में क्या करते ?'

  • 8 मई 2015
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सलमान ख़ान को हाई कोर्ट से मिली राहत पर सोशल मीडिया पर दिन भर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आती रही हैं.

निर्देशक और अदाकार सतीश कौशिक ने अपने ट्विट संदेश में लिखा है, “ये सलमान और उनके परिवार के लिए ख़ुशी की घड़ी है. उनकी हर दुआ की सुनवाई हुई. जय महसर मां.“

निर्देशक साजिद ख़ान ने लिखा हैं, “बॉलीवुड और सलमान के प्रशंसकों को मानना पड़ेगा कि शुक्रवार सलमान का दिन है. मुझे ख़ान परिवार के लिए बहुत ख़ुशी है.”

फ़रह ख़ान ने मांगी माफ़ी

डिज़ाइनर फ़रह ख़ान के गुरूवार को किए गए एक ट्विट की भारी निंदा हुई थी. लेकिन अब उन्होंने माफ़ी माँगी है और कहा है, “मैं बेघरों के सड़कों पर किए गए अपने ट्विट के लिए बिना शर्त माफ़ी मांगती हूं.”

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उन्होंने कहा है, “सबका जीवन क़ीमती है. जीवन जीवन है और नागरिक के नाते ये हमारा फ़र्ज़ है कि हम दूसरों के जीवन की मिलजुलकर हिफ़ाज़त कर सकें.”

गायक मिका सिंह के संदेश में कहा गया है, "अगर दुआ दिल से हो तो ज़रूर पूरी होती है ... सलमान के सभी प्रशंसकों को प्रार्थना और शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया. मैं बहुहुहुहुहुत ख़ुश हूं."

वहीं कई आम लोगों की प्रतिक्रिया में कड़वाहट और व्यंग के पुट देखने को मिला.

शरण्य प्रसाद ने अपने ट्विट संदेश में कहा है, “जेल में वक़्त बिता रहे लोग दुखी न हो. बींग ह्यूमन की तरफ़ से आपको इस दुखद स्थिति से बाहर निकालने के लिए नई कोशिश शुरू होगी.”

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आमिर से सवाल

जिगना नाम के व्यक्ति का सवाल आमिर ख़ान से है कि अगर ये मामला सत्यमेव जयते पर होता तो आप क्या करते???

माइक्रो एंबिशियस का कहना है, “वो दिन दूर नहीं जब उनके वकील ये साबित करेंगे को जो लोग फुटपाथ पर सो रहे थे वो जानबूझकर कार के सामने कूद पड़े.”

अभिनेता ऋषि कपूर का ट्विट हालांकि सीधे सीधे इस घटना से जुड़ा नज़र नहीं आता लेकिन वो सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की जाने वाली क्रूर भाषा के संदर्भ में है. जो इस मामले में भी सामने आई है.

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ऋषि कपूर कहते हैं, “मैंने इसके बारे में सोचा है. यहां बहुत नकारत्मकता है अभद्र भाषा का इस्तेमाल होता है और बड़ो का कोई लिहाज़ नहीं. मैं ट्विटर छोड़ रहा हूं क्योंकि इसने मुझे दुख के अलावा कुछ नहीं दिया है.”

लेकिन बाद में वे ट्विटर पर लौट आए और कहा सलमान को राहत मिल गई है.

इसी के उलट आफिस ऑफ़ गाड नाम के एक अकाउंट में कहा गया है, “सरकारी वकील के ओर से ये बड़ी नाकामी है, लेकिन अगर दोनों पक्ष उसके रिहाई की कोशिश कर रहा हो तो जज क्या कर सकते हैं?”

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