माओवादियों ने ग्रामीणों को छो़ड़ा, एक की हत्या

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छत्तीसगढ़ में माओवादियों द्वारा अग़वा किए गए ग्रामीणों को छुड़ा लिया गया है. हालांकि एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है.

राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रविवार को पुष्टि की थी कि माओवादियों ने 250 ग्रामीणों का अपहरण कर लिया है.

मारेंगा गांव पहुंचे कोंटा इलाके के कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने दिन में दावा किया था कि"माओवादी देर रात यहां पहुंचे थे और उन्होंने मारपीट शुरु करते हुए ग्रामीणों को अपने साथ चलने के लिए कहा. आज की तारीख में गांव में बच्चों, महिलाओं और बूढ़ों को छोड़ कर कोई नहीं है."

मोदी की रैली

दिन में आई रिपोर्टों में ये भी कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भाग लेने आ रहे लोगों को माओवादियों ने रोका है.

राज्य के गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा ने भी कहा था कि माओवादियों ने हमारे भाजपा के लोगों का अपहरण किया है. जबकि बस्तर के आईजी एसआरपी कल्लुरी का कहना था कि माओवादियों ने सड़क निर्माण में लगे कुछ मज़दूरों का अपहरण किया था, जिसके बाद माओवादियों से बातचीत करने और मज़दूरों को छोड़ने की मांग करते हुए सैकड़ों ग्रामीण माओवादियों तक पहुंचे हैं.

रेलवे ट्रैक उड़ाया

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Image caption छत्तीसगढ़ के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इधर माओवादियों ने दंतेवाड़ा में कनालूर के आसपास रेलवे ट्रैक को बम लगा कर उड़ा दिया है.

बानपार में सड़क निर्माण में लगे मिक्सर मशीन में भी आग लगाए जाने की ख़बर है.

शनिवार को दंतेवाड़ा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा थी, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.

प्रधानमंत्री की सभा जिस इलाके में थी, वहां 10 किलोमीटर के दायरे में अर्धसैनिक बलों के 11 हज़ार से अधिक जवानों को तीन दिन पहले से ही तैनात कर दिया गया था.

इलाके में चलने वाली रेलगाड़ियों को 7 मई से ही बंद कर दिया गया था. इसके अलावा बस्तर से लगने वाली सीमांध्र, महाराष्ट्र और ओड़ीशा की सीमाएं सील कर दी गई थीं.

लेकिन इसके बाद भी माओवादियों की हिंसक घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है.

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