जयललिता के खिलाफ दायर हो सकती है याचिका

  • 15 मई 2015
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विशेष सरकारी अभियोजक, बी वी आचार्य ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को आरोपमुक्त करने के फैसले के ख़िलाफ़ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का अनुमोदन किया है.

आचार्य ने बीबीसी को बताया- मैंने राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के सामने एक विशेष अवकाश याचिका दायर करने की अनुशंसा की है क्योंकि इस मामले पर सवाल उठाया जा सकता है.

सोमवार को कर्नाटक हाई कोर्ट ने जयललिता और उनके तीन सहयोगियों पर दोष सिद्धि के फैसले को उलट दिया था.

मुकदमे में तकनीकी ग़लतियां

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एक ट्रायल कोर्ट ने उन्नीस साल तक चलने वाले 53.6 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में ये फैसला सुनाया था.

आचार्य ने पहले बीबीसी से कहा था कि जयललिता को आरोपमुक्त करने वाले इस फैसले में "एक घातक दोष" है क्योंकि हाई कोर्ट ने अभियोजक को एक पक्ष बनाए बगैर याचिका पर सुनवाई की.

दूसरा बड़ा दोष था, बैंक से कर्ज़े पर प्राप्त आय की गणना में गणितीय ग़लती.

हाई कोर्ट ने पाया कि आय में विसंगति महज़ 2.82 करोड़ रुपए या कुल आय का 8.12 प्रतिशत की थी.

10 प्रतिशत से कम की विसंगति को अपराध नहीं माना जाता.

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