'यमराज' संभाल रहे हैं रांची का ट्रैफ़िक!

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झारखंड की राजधानी रांची में ट्रैफ़िक संभालने के लिए 'यमराज' को उतरना पड़ा है.

वो रांची की सड़कों पर घूम-घूम कर लोगों को यातायात के क़ायदे क़ानून समझा रहे हैं.

लोगों को बता रहे हैं कि सीट बेल्ट बांध लो, बग़ैर हेलमेट मत चलो और ट्रिपल राइडिंग अभिशाप है.

लेकिन रांची में मौजूद 'यमराज' यमलोक से नहीं आए हैं, वो रांची पुलिस के ही एक कर्मचारी हैं - राजेश कुमार सिंह जिन्हें एक ख़ास मक़सद के तहत यमराज बनाया गया है.

इस प्रयोग के पीछे सोच है.

कौन हैं यमराज?

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32 साल के राजेश सिंह रांची में पुलिस केंद्र से संबधित हैं.

इस किरदार के लिए सार्जेंट मेजर टीके झा ने राजेश का चुनाव किया, क्योंकि उनकी लंबाई अच्छी ख़ासी थी.

फिर ट्रैफ़िक एसपी और एसएसपी ने भी इसे हरी झंडी दे दी.

आठ मई से शुरू हुआ यह अभियान 16 मई तक जारी रहेगा.

राजेश का कहना है कि हालांकि वो लोगों को ट्रैफिक के नियमों के बारे में पहले भी बता चुके हैं लेकिन इस तरह की भूमिका उन्हें पहली बार मिली है.

उन्होंने बताया, "रांची की व्यस्ततम एमजी रोड, सुजाता चौक, कर्बला चौक, कांटाटोली चौक, रातू रोड चौराहा, एचईसी गेट, सिंह मोड़, डंगराटोली चौक जैसे व्यस्त चौराहों पर उनकी ड्यूटी लगाई गई."

वो कहते हैं, "इस दौरान हमने लोगों से शपथ पत्र पर भी दस्तख़त करवाए और लोगों ने ट्रैफ़िक नियमों के पालन की शपथ ली."

माइंडसेट चेंज करना है

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Image caption एसपी रांची, एस कार्तिक.

पुलिस अध्यक्ष एस कार्तिक ने बीबीसी को बताया, "लोगों की मानसिकता बदलना इस अभियान का उद्देश्य है. यमराज डर पैदा करता है. इसलिए इसके माध्यम से ट्रैफ़िक नियमों को नज़रअंदाज़ करने के घाटे को समझाना ज़्यादा आसान है."

उनके मुताबिक़, "आम लोग उनसे इंटरैक्ट करने में सहज महसूस कर रहे हैं. स्कूलों, क्लबों आदि में भी जागरूकता पैदा करने के लिए सेमिनार किए जा रहे हैं."

उन्होंने बताया कि 16 मई को मोरहाबादी मैदान में इस अभियान का समापन किया जाएगा.

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आयुषी और रीना स्टूडेंट हैं. एसएसपी आवास के पास यमराज ने उन्हें बग़ैर हैलमेट स्कूटी चलाते पकड़ा.

आयुषी ने शपथ पत्र पर दस्तख़त कर नियम मानने की क़सम खाई. बोलीं, "अच्छा लग रहा है. अब हम ट्रैफ़िक नियमों का पालन करेंगे."

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